Chhatrapati Sambhajinagar Land Fraud: छत्रपति संभाजीनगर प्रॉपर्टी एजेंट और कथित भूमि मालिक ने सुरक्षित निवेश के उद्देश्य से कृषि भूमि खरीदने की इच्छा रखने वाले एक सेवानिवृत्त पुलिस निरीक्षक से साढ़े पांच लाख रुपए की ठगी करने की घटना प्रकाश में आई है।
यह घटना 17 दिसंबर 2024 से 20 दिसंबर 2025 के बीच हाईकोर्ट परिसर क्षेत्र में घटी। प्रकरण में पुंडलिक नगर पुलिस थाने में समीर मुनीर शेख, बाबासाहेब लक्ष्मण कुशर और शरद गोविंद जाधव के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि वे पेंशन के सहारे परिवार का भरण-पोषण करते हैं। प्रॉपर्टी एजेंट समीर और उसके सहयोगी ने भूमि खरीद पर चर्चा की।
इसके बाद 20 दिसंबर 2024 को एजेंटों ने शरद गोविंद जाधव को जमीन मालिक के रूप में खान से मिलवाया। हाईकोर्ट परिसर स्थित नोटरी कार्यालय में इसार-पावती (एग्रीमेंट) की गई। इस दस्तावेज के अनुसार खान ने शरद जाधव के नाम 5 लाख रुपए का चेक दिया। इस तरह कुल इसार-पावती की राशि 5 लाख 50,000 रुपए तय हुई।
साथ ही यह शर्त भी रखी गई थी कि यदि 20 जनवरी 2025 तक सौदा पूरा नहीं होता है, तो पूरी राशि वापस की जाएगी। इसके बाद एजेंटों ने लेन-देन पूरा करने में टालमटोल शुरू कर दी और "आज-कल" कहकर समय निकालते रहे।
अंततः जून 2025 में एजेंटों ने खान का मोबाइल नंबर ब्लॉक किए जाने का मामला सामने आया, जिससे उन्हें ठगी का एहसास हुआ। शिकायतकर्ता को संदेह है कि समीर शेख, बाबासाहेब कुशर व शरद जाधव ने आपसी मिलीभगत से कृषि भूमि खरीद के नाम पर ली गई राशि आपस में बांट ली। जांच सहायक पुलिस निरीक्षक क "हाले कर रहे हैं।