Marathwada Unseasonal Rain Damage: छत्रपति संभाजीनगर मराठवाड़ा में पिछले तीन दिनों से जारी बेमौसम बारिश व ओलावृष्टि ने तबाही मचाई है, इस आपदा में 11,572.13 हेक्टेयर क्षेत्र की फसलें प्रभावित हुई हैं, जबकि दो लोगों की मौत भी हुई है।
सबसे ज्यादा नुकसान छत्रपति संभाजीनगर जिले में दर्ज किया गया है, जहां 8,455.78 हेक्टेयर फसल प्रभावित हुई। विभागीय आयुक्त कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार, 16 मार्च से अब तक 533 गांवों के 20,896 किसान इस आपदा से प्रभावित हुए हैं।
प्रभावित क्षेत्र में 3,397.48 हेक्टेयर शुष्क व 6,944.90 हेक्टेयर सिंचित भूमि और 1,229.75 हेक्टेयर फल बागान शामिल है। देश के उत्तर भाग में मौसम में हुए बदलाव के कारण पूरे देश में मौसम प्रभावित हुआ है, जिसका असर राज्य समेत मराठवाड़ा क्षेत्र में भी देखने को मिल रहा है।
मौसम विभाग ने 17 से 20 मार्च के बीच गरज-चमक, तेज हवाओं व बारिश की चेतावनी दी थी, जो अब सत्त्र साबित हुई। हालांकि इस बारिश से गर्मी से कुछ राहत मिली है।
लेकिन किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। पहले से आर्थिक संकट झेल रहे किसानों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। जानकारी के अनुसार, हिंगोली जिले के पातोंडा निवासी गुलाब मारकड़ (33) व नांदेड़ जिले के देगलूर तहसील के शीलवणी गांव की दीपिका राठौड़ (16) की बिजली गिरने से मौत हो गई।
इस आपदा में कुल 41 पशुओं की मौत हुई है। इसमें 18 बड़े, 15 छोटे दुधारू, 7 कामकाजी बड़े व एक छोटा पशु शामिल है। मौसम विभाग ने अगले 1-2 दिनों तक बारिश की संभावना जताई है, ऐसे में किसानों को सलाह दी गई है कि रबी फसलों की कटाई के दौरान कटी हुई उपज को सुरक्षित स्थान पर रखें या ढंककर रखें, तेज हवाओं और बारिश से नुकसान से बचने के लिए आवश्यक सावधानी बरतने का भी आह्वान किया गया है।
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| क्रमांक | जिला | उपलब्ध पेयजल |
|---|---|---|
| 1 | संभाजीनगर | 8,455.78 |
| 2 | जालना | 1,364.20 |
| 3 | परभणी | 0 |
| 4 | हिंगोली | 0 |
| 5 | — | 34.25 |
| 6 | बीड | 156.00 |
| 7 | लातूर | 52.00 |
| 8 | धाराशिव | 1,509.90 |
| कुल | 11,572.18 |