

Chhatrapati Sambhajinagar Pension Scheme Implementation Issue: छत्रपति संभाजीनगर राज्य के सरकारी कर्मचारी व शिक्षकों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर 21 अप्रैल से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी है।
इस संबंध में संगठन की ओर से जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया है। 17 लाख सरकारी कर्मचारी पिछले एक वर्ष से न्याय की प्रतीक्षा में हैं। विभिन्न मांगों को लेकर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
संगठन ने बताया कि संशोधित राष्ट्रीय पेंशन योजना की घोषणा ने राहत तो दी,लेकिन इसे लागू करने के लिए आवश्यक नियम, शर्ते व कार्यप्रणाली की अधिसूचना जारी नहीं की गई।
योजना 1 मार्च 2024 से लागू मानी जा रही है, लेकिन तब से अब तक सेवानिवृत्त हुए कर्मचारियों का पेंशन भविष्य अधर में लटका हुआ है व कईयों को अस्थायी पेंशन भी नहीं मिल रही।
इसके अलावा, रिक्त पद भरने की प्रक्रिया भी धीमी चल रही है। 1 नवंबर 2005 से पहले नियुक्त आंशिक अनुदानित शिक्षकों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ देने का मुद्दा भी लंबित है। इसीलिए समन्वय समिति ने आंदोलन का निर्णय लिया, ऐसी जानकारी राज्य उपाध्यक्ष डॉ. देवीदास जरारे व महासचिव एनएस कांबले ने दी।
संगठन ने बताया कि 12 फरवरी को धरना प्रदर्शन, 9 से 11 दिसंबर के दौरान नागपुर में शीतकालीन सत्र के समय अनशन किया गया था, इसके बाद मुख्य सचिव ने मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में 15 दिनों के भीतर निर्णय लेने का आश्वासन दिया था। इसी भरोसे पर 11 दिसंबर को अनशन स्थगित कर दिया गया था।