संभाजीनगर लैंड फ्रॉड केस (सोर्स: सोशल मीडिया) 
औरंगाबाद

छत्रपति संभाजीनगर: फर्जी दस्तावेजों से 17 गुंठा जमीन हड़पने की साजिश नाकाम, एडवोकेट से धोखाधड़ी में 18 पर FIR

Land Fraud Case: छत्रपति संभाजीनगर के सावंगी में फर्जी दस्तावेजों से 17 गुंठा जमीन हड़पने की साजिश का पर्दाफाश हुआ है। वकील से ₹50 लाख की धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने 18 आरोपियों पर FIR दर्ज की।

गोरक्ष पोफली

Chhatrapati Sambhajinagar Land Fraud: छत्रपति संभाजीनगर शहर से सटे सावंगी क्षेत्र स्थित 17 गुंठा जमीन पर फर्जी दस्तावेज तैयार कर कब्जा करने की कथित साजिश का सनसनीखेज मामला सामने आया है। वर्ष 2012 से अपने स्वामित्व में रही जमीन को हड़पने के लिए नकली बिक्री विलेख, सातबारा, नमूना क्रमांक-8, करेक्शन डीड तथा पुराने दिनांक के नोटरी अनुबंध तैयार किए गए।

इस कथित षड्यंत्र के जरिए एक वकील को लगभग 50 लाख रुपये की आर्थिक क्षति पहुंचाने का प्रयास किया गया। मामले में सिटीचौक पुलिस ने 18 आरोपियों के विरुद्ध धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

खुदाई देखकर खुला पूरा खेल

उस्मानपुरा निवासी एड. सुशील मुरलीधर बियाणी की शिकायत के अनुसार, उन्होंने वर्ष 2012 में पंजीकृत बिक्री विलेख के माध्यम से सावंगी स्थित गट क्रमांक 231/1 की 17 गुंठा जमीन खरीदी थी और तब से वह उनके कब्जे में है। एक फरवरी 2026 को जब वह जमीन पर पहुंचे तो वहां निर्माण के लिए खुदाई चल रही थी। पूछताछ करने पर ठेकेदार ने बताया कि नोटरी अनुबंध के आधार पर उसे काम शुरू करने के निर्देश दिए गए थे। शिकायतकर्ता द्वारा स्वामित्व संबंधी दस्तावेज दिखाए जाने के बाद निर्माण कार्य तत्काल रोक दिया गया।

इसके बाद हुई बैठक में संबंधित लोगों ने बिक्री विलेख, इसार पावती, सातबारा, नमूना क्रमांक-8 तथा अन्य दस्तावेज प्रस्तुत किए। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इन सभी दस्तावेजों में स्वामित्व, सीमांकन और राजस्व अभिलेखों से संबंधित विवरण पूरी तरह फर्जी हैं। विरोध करने पर आरोपियों ने जान से मारने की धमकी भी दी।

जिलाधिकारी कार्यालय में जांच के बाद उजागर हुई साजिश

शिकायत के बाद जिलाधिकारी कार्यालय में राजस्व अभिलेखों की जांच कराई गई, जिसमें दस्तावेजों में कथित हेराफेरी का मामला सामने आया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि एक ऐसे व्यक्ति के नाम पर भी बिक्री विलेख तैयार किए गए, जिसके नाम कोई जमीन दर्ज ही नहीं थी। फर्जी राजस्व अभिलेख तैयार कर करेक्शन डीड के माध्यम से मूल सीमाएं बदली गईं तथा पुराने स्टांप पेपरों पर पीछे की तारीख के अनुबंध तैयार किए गए।

इस मामले में सय्यद इर्शाद अली जैदी, सरफराज जैदी, जीशान सरफराज अली जैदी, नौशाद अली जैदी, दिलशाद अली जैदी, शहादाब अली जैदी, सय्यद जव्वाद अली जैदी, मोहम्मद मस्सी, शेख मजीद, एजाज अहमद खान सहित कुल 18 लोगों के खिलाफ सिटीचौक पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच सहायक पुलिस निरीक्षक मनोज शिंदे कर रहे हैं।

– नवभारत लाइव के लिए छत्रपति संभाजीनगर से शफीउल्ला हुसैनी की रिपोर्ट

थुम्मीदिहेट्टी बैराज विवाद: CM फडणवीस से मिले रेवंत रेड्डी, तेलंगाना की मांग पर महाराष्ट्र बनाएगा अध्ययन समिति

100 करोड़ के घोटाले में तमिलनाडु के पूर्व शिक्षामंत्री अनबिल पोय्यामोझी गिरफ्तार, DMK ने लगाया गंभीर आरोप

बिना पुख्ता सबूत के 6 साल जेल में रहा शख्स, सुप्रीम कोर्ट ने बताया न्याय का मजाक; UP सरकार देगी मुआवजा

कई समझौतों के बाद भी नहीं सुलझा सीमा विवाद, क्या अब भारत-चीन निकाल पाएंगे हल; दोनों सेनाओं में झड़प की कहानी

खरगे के बयान पर भड़के नितिन नबीन, बोले- कांग्रेस की विरासत बन गई अपमानजनक भाषा