Chhatrapati Sambhajinagar Crime Branch Case: छत्रपति संभाजीनगर शहर में विदेशी हाइड्रो गांजा बिक्री मामले की जांच कर रही क्राइम ब्रांच को नए सुराग मिले हैं। प्रकरण में पुलिस ने तीन और आरोपियों को हिरासत में लेने के बाद जांच में पनवेल से गांजा खरीदने के लिए आर्थिक लेनदेन होने की जानकारी सामने आई है।
हत्थे चढ़े तीनों आरोपियों को पूछताछ के लिए क्रांति चौक पुलिस के हवाले किया गया है। आरोपियों की शिनाख्त धमकेश शशिकांत अहिरे (33), राज रीतेश पोरवाल (20) और ओम दौलत जाधव (20) के रूप में की गई है।
क्राइम ब्रांच के निरीक्षक गजानन कल्याणकर ने कहा कि पुलिस को सूचना मिली थी कि शहर में कुछ लोग विदेशी हाइड्रो गांजा बेचने के लिए आने वाले हैं।
इस सूचना के आधार पर अपराध शाखा ने जाल बिछाकर राजवीर चरणसिंह बिरग और ओम रवींद्र शिंदे को हिरासत में लिया था। तलाशी के दौरान उनके पास से 285 ग्राम विदेशी हाइड्रो गांजा जब्त किया गया।
जांच में बाजार में गांजे की कीमत 10,000 रुपये प्रति ग्राम होने की बात सामने आई। उक्त कार्रवाई के बाद अपराध शाखा ने प्रकरण की गहन जांच शुरू की।
कल्याणकर ने कहा कि तफ्तीश के दौरान यह भी पता चला कि पनवेल निवासी तुषार राजीव सिंह से हाइड्रो गांजे की खरीद-फरोख्त की गई थी। पुलिस ने जब उससे जुड़े आर्थिक लेनदेन की जांच करने पर कुछ अन्य संदिग्धों के नाम भी सामने आए। इसी आधार पर धमकेश अहिरे, राज पोरवाल व औम जाधव की गोरखधंधे में संलिप्तता सामने आई।
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कल्याणकर का कहना रहा कि क्राइम ब्रांच के पुलिस उपनिरीक्षक अभिजीत चिखलीकर, हवलदार विनोद परदेशी, अमलदार सागर पांढरे व अमोल मुगले की टीम ने पनवेल के कोनगांव क्षेत्र में दबिश देते हुए धमकेश अहिरे और राज पोरवाल को दबोच लिया, इसके अलावा शहर से ओम जाधव को भी पुलिस ने अरेस्ट किया। तीनों आरोपियों को पूछताछ के लिए क्रांति चौक पुलिस के हवाले किया गया है।