फर्जी हिबानामा रजिस्ट्री केस (सोर्सः AI) 
औरंगाबाद

Sambhajinagar में Fake Hibanama रजिस्ट्री मामले में दो आरोपी गिरफ्तार, करोड़ों की भूमि हड़पने का खुलासा

Chhatrapati Sambhajinagar Fake Hibanama से करोड़ों की जमीन हड़पने वाले दो आरोपी गिरफ्तार। असली मालिक की जगह दूसरे को खड़ा कर कराई थी रजिस्ट्री। दोनों आरोपी 13 जून तक पुलिस हिरासत में।

आलोक उमाकृष्ण

Chhatrapati Sambhajinagar Fake Hibanama Land Scam Case: करोड़ों रुपये मूल्य की कृषि भूमि पर अवैध कब्जा करने के उद्देश्य से फर्जी हिबानामा रजिस्ट्री कराने के मामले में आर्थिक अपराध शाखा ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने वास्तविक भूमि मालिक के स्थान पर एक अंजान व्यक्ति को खड़ा कर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर रजिस्ट्री कराई थी।

इस मामले में सिटी चौक पुलिस थाने में अपराध क्रमांक 225/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता अली असगर सैफुद्दीन पेटेवाला ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि मौजे हिरापुर स्थित गट क्रमांक 31 की कुल 7 हेक्टेयर 46 आर कृषि भूमि में उनके हिस्से की 2 हेक्टेयर 11 आर जमीन को धोखाधड़ीपूर्वक हड़पने का प्रयास किया गया।

अंजान व्यक्ति को खड़ा कर कराई गई फर्जी रजिस्ट्री

आर्थिक अपराध शाखा की जांच में पता चला कि हुसैन कॉलोनी, गारखेडा निवासी मोहम्मद नूर मोहम्मद हनीफ ने कथित रूप से पूरी साजिश रची। आरोप है कि उसने शिकायतकर्ता की जगह एक अंजान व्यक्ति को खड़ा कर फर्जी हिबानामा रजिस्ट्री कराई। इस प्रक्रिया में रजिस्ट्री के दौरान मौजूद गवाहों की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है।

पुलिस शेख फिरोज शेख उस्मान, मुजम्मिल खान रफीक खान और अन्य संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की जांच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार फर्जी दस्तावेज तैयार कर भूमि हस्तांतरण की पूरी प्रक्रिया को वैध दिखाने का प्रयास किया गया था। यदि समय रहते मामला उजागर नहीं होता तो करोड़ों रुपये मूल्य की भूमि पर अवैध कब्जा हो सकता था।

13 जून तक पुलिस हिरासत, अन्य आरोपियों की तलाश जारी

मामले की गंभीरता को देखते हुए आर्थिक अपराध शाखा ने मोहम्मद नूर मोहम्मद हनीफ (47) और अब्दुल कासिद खान उर्फ जुनैद (35), निवासी मोमिनपुरा, को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें 13 जून तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया।

पुलिस आयुक्त प्रवीण पवार, पुलिस उपायुक्त प्रशांत मोहिते और सहायक पुलिस आयुक्त अशोक राजपूत के मार्गदर्शन में पुलिस निरीक्षक गजानन कल्याणकर तथा पुलिस उपनिरीक्षक सचिन देशमुख मामले की विस्तृत जांच कर रहे हैं। पुलिस का कहना है कि इस प्रकरण में शामिल अन्य आरोपियों और सहयोगियों की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है तथा जल्द ही और गिरफ्तारियां होने की संभावना है।

– नवभारत लाइव के लिए छत्रपति संभाजीनगर से शफीउल्ला हुसैनी की रिपोर्ट

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