संभाजीनगर मनपा हंगामा( सोर्स: सोशल मीडिया ) 
औरंगाबाद

संभाजीनगर में राजनीतिक टकराव, विवादित टिप्पणी पर भड़का सदन; महापौर को करना पड़ा हस्तक्षेप

Imtiaz Jaleel Controversy: संभाजीनगर मनपा की आमसभा में विवादित टिप्पणी को लेकर हंगामा मच गया। इम्तियाज जलील पर की गई टिप्पणी पर विपक्ष ने कड़ा विरोध जताया, महापौर को हस्तक्षेप करना पड़ा।

अंकिता पटेल

Sambhajinagar Political Clash: छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका की आम सभा में सोमवार को उस समय हंगामे में बदल गई, जब एक विवादित टिप्पणी ने पूरे सदन का माहौल गरमा दिया। एमआईएम प्रदेश अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद इम्तियाज जलील को लेकर की गई 'शक्ति कपूर' टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया हुई और कुछ समय के लिए सदन में भारी हंगामा मच गया।

स्थिति बिगड़ती देख महापौर समीर राजूरकर को हस्तक्षेप करना पड़ा, बैठक की शुरुआत शोक प्रस्तावों से हुई। प्रख्यात गायिका आशा भोसले तथा अधिकारी मोहिनी गायकवाड़ के पिता डी। एस। गायकवाड़ को श्रद्धांजलि दी गई।

इसके बाद कार्यवाही सामान्य रूप से आगे बढ़ रही थी, तभी अचानक राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गए। विपक्ष के नेत्ता अब्दुल समीर साजिद के एक कथित वायरल वीडियो का मुद्दा उताया गया।

इसमें पुराने शहर में विकास कार्यों के लिए इम्तियाज जलील की अनुमति आवश्यक होने की बात कही गई थी। इस पर भाजपा और वंचित बहुजन आघाड़ी के नगरसेवकों ने कड़ी आपत्ति जताई।

इम्तियाज जलील का उल्लेख 'शक्ति कपूर' के रूप में किया

बहस के दौरान वचित के नगरसेवक अफसर खान ने इम्तियाज जलील का उल्लेख शक्ति कपूर' के रूप में किया। इस टिप्पणी पर एमआईएम के सदस्य आक्रोशित हो गए और जोरदार विरोध किया, कई सदस्य एक साथ बोलने लगे, जिससे सदन का वातावरण पूरी तरह अव्यवस्थित हो गया। एमआईएम नगरसेवकों ने अफसर खान द्वारा जलील को कहे अपशब्द पर कहा हंगामा किया, एमआईएम नगरसेवकों के हंगाम से सभागृह में काफी देर तक तनाव की स्थिति बनी थी। विरोधी पक्ष नेता अब्दुल समीर साजिद के अलावा सभी सदस्यों ने अफसर खान द्वारा पूर्व सांसद जलील के खिलाफ कहे गए अपशब्द पर कही आपत्ति जतायी।

माफी और कार्रवाई की मांग

भाजपा के राज गौरव वानखेडे ने इस टिप्पणी के लिए माफी की मांग की। वहीं प्रमोद राठोड ने इसे गंभीर मामला बताते हुए संबंधित सदस्य के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने प्रशासन से भी सवाल किया कि ऐसे मामलों में सख्त कदम क्यों नहीं उठाए जाते स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए महापौर समीर राजूरकर ने सभी सदस्यों को सख्त शब्दों में चेतावनी दी, उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को अपनी भाषा और व्यवहार का ध्यान रखना चाहिए।

इसके साथ ही उन्होंने असंसदीय शब्दों की कार्यवाही के अभिलेख से हटाने के निर्देश दिए, इसके बाद ही बैठक की कार्यवाही पुनः शुरू हो सकी उपमहापौर राजेंद्र जंजाल ने सदन की गरिमा बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया।

उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों को संविधान की मर्यादा का पालन करना चाहिए, भाजपा नगरसेवक प्रमोद राठोड ने यह भी सवाल उठाया कि पहले भी ऐसे विवाद सामने आए हैं, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं हुई, उन्होंने कहा कि यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो सदन की गरिमा प्रभावित होती रहेगी।

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