Chhatrapati Sambhajinagar Anti Encroachment Drive: शहर की प्रमुख सड़कों और बाजारों पर वर्षों से चली आ रही अतिक्रमण की समस्या से निजात दिलाने के लिए महानगरपालिका ने अब केवल अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाने के बजाय उस पर स्थायी नियंत्रण की रणनीति तैयार की है।
बार-बार कार्रवाई के बावजूद कुछ ही घंटों या दिनों में दोबारा अतिक्रमण हो जाने से परेशान प्रशासन ने अब शहर के 12 सबसे व्यस्त मार्गों पर प्रतिदिन सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक विशेष निगरानी रखने का निर्णय लिया है।
इस दौरान पांच विशेष दल लगातार गश्त करेंगे और कहीं भी अतिक्रमण दिखाई देने पर बिना किसी देरी के तत्काल कार्रवाई की जाएगी। इस नई व्यवस्था को शहर में यातायात व्यवस्था सुधारने और बाजार क्षेत्रों को व्यवस्थित बनाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
मनपा के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह रही है कि अतिक्रमण हटाने के कुछ समय बाद ही सड़कें और फुटपाथ फिर से कब्जे में आ जाते हैं। इससे एक ओर सरकारी कार्रवाई का प्रभाव समाप्त हो जाता है, वहीं दूसरी ओर नागरिकों को फिर से जाम, अव्यवस्था और दुर्घटनाओं के खतरे का सामना करना पड़ता है।
इसी स्थिति को देखते हुए अब नियमित निगरानी की व्यवस्था लागू की जा रही है, ताकि अतिक्रमण दोबारा खड़ा होने से पहले ही उसे हटाया जा सके।
नई योजना के तहत अतिक्रमण विरोधी पांच विशेष दल गठित किए जाएंगे। प्रत्येक दल में पांच कर्मचारियों की नियुक्ति होगी और सभी दलों को अलग-अलग वाहन उपलब्ध कराए जाएंगे।
अतिरिक्त 20 कर्मचारियों की उपलब्धता के बाद इन दलों को पूरी क्षमता के साथ शहर के विभिन्न हिस्सों में तैनात किया जाएगा। प्रत्येक दल को अपने निर्धारित क्षेत्र में लगातार भ्रमण कर निगरानी रखने और शिकायत मिलते ही मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करने की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
महानगरपालिका ने पहले चरण में उन 12 मार्गों का चयन किया है, जहां सबसे अधिक यातायात दबाव रहता है और अतिक्रमण की शिकायतें लगातार मिलती रही हैं।
इनमें पैठण गेट-गुलमंडी, शाहगंज डाकघर क्षेत्र, महात्मा गांधी प्रतिमा से चेलीपुरा, गजानन महाराज मंदिर क्षेत्र, मुकुंदवाड़ी, रोशन गेट-कटकट गेट, चिश्तिया चौक-बलिराम पाटिल विद्यालय मार्ग, क्रांति चौक-रेलवे स्टेशन, औरंगपुरा-चंपा चौक, रेलवे स्टेशन-पैठण गेट, जटवाड़ा रोड तथा रेलवे स्टेशन-हर्सूल रोड शामिल हैं। इन सभी मार्गों पर पूरे दिन विशेष गश्त रहेगी।
शहर के प्रमुख बाजारों में सड़क किनारे अतिक्रमण के कारण वाहनों की आवाजाही प्रभावित होती है। कई स्थानों पर पैदल चलने वालों को भी सड़क पर उतरकर चलना पड़ता है, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।
महानगरपालिका का मानना है कि नियमित निगरानी और त्वरित कार्रवाई से बाजार क्षेत्रों में व्यवस्था सुधरेगी, यातायात सुचारु होगा और नागरिकों को रोजाना लगने वाले जाम से राहत मिलेगी।
महानगरपालिका का कहना है कि दीपावली, गणेशोत्सव, ईद और अन्य बड़े त्योहारों के दौरान बाजारों में भीड़ कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे समय अतिक्रमण के कारण यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो जाती है।
नई व्यवस्था के लागू होने के बाद त्योहारों के दौरान भी इन मार्गों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी, ताकि यातायात बाधित न हो और लोगों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
स्थायी समिति के सभापति अनिल मकरिये की अध्यक्षता में हुई बैठक में संबंधित विभागों को इस योजना को तत्काल लागू करने के निर्देश दिए गए। बैठक में स्पष्ट किया गया कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तभी सफल मानी जाएगी, जब दोबारा अतिक्रमण होने की संभावना समाप्त हो। इसी उद्देश्य से निगरानी आधारित नई व्यवस्था लागू की जा रही है।
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इसके अतिरिक्त 20 कर्मचारियों की नियुक्ति के बाद अभियान का विस्तार।
छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका को उम्मीद है कि कार्रवाई के साथ लगातार निगरानी की यह नई व्यवस्था शहर की सड़कों को अतिक्रमण मुक्त बनाए रखने में प्रभावी साबित होगी। यदि यह योजना सफल रही तो भविष्य में इसे शहर के अन्य प्रमुख मार्गों और बाजार क्षेत्रों में भी लागू किया जाएगा।
– नवभारत लाइव के लिए छत्रपति संभाजीनगर से शफीउल्ला हुसैनी की रिपोर्ट