Chhatrapati Sambhajinagar Census Public Survey: राष्ट्रीय महत्व की जनगणना प्रक्रिया में छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका ने उल्लेखनीय प्रगति दर्ज करते हुए राज्य में पहला स्थान हासिल किया है। महज एक सप्ताह पहले तक शहर के केवल 30 प्रतिशत हिस्से में चल रहा जनगणना कार्य अब 95 से 96 प्रतिशत क्षेत्र तक पहुंच चुका है। महानगरपालिका प्रशासन ने 5 जून से पहले पूरे शहर की जनगणना पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। आयुक्त अमोल येड़गे ने बुधवार को अधिकारियों और कर्मचारियों की समीक्षा बैठक के बाद यह जानकारी दी। प्रशासन की सख्त भूमिका, लगातार मॉनिटरिंग और क्षेत्रीय स्तर पर बढ़ी सक्रियता के कारण जनगणना कार्य में तेजी आई है।
अधिकारियों का कहना है कि कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि इस राष्ट्रीय कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। केंद्र सरकार के निर्देशानुसार देशभर में 1 मई से जनगणना प्रक्रिया शुरू हुई थी। प्रारंभिक चरण में 1 से 15 मई तक नागरिकों को मोबाइल ऐप के माध्यम से स्वयं गणना करने की सुविधा दी गई थी। इसके बाद 16 मई से घर-घर जाकर प्रत्यक्ष जानकारी संकलित करने का अभियान शुरू किया गया। महानगरपालिका क्षेत्र में जनगणना के लिए अलग-अलग ब्लॉक बनाए गए हैं। प्रत्येक कर्मचारी को 200 घरों का सर्वेक्षण करना है।
महानगरपालिका आयुक्त अमोल येडगे ने बताया कि वर्तमान में छत्रपति संभाजीनगर शहर के अधिकांश भागों में प्रत्यक्ष घर गणना का कार्य तेजी से चल रहा है और प्रगति के मामले में संभाजीनगर राज्य की सभी महानगरपालिकाओं में पहले स्थान पर पहुंच है। उन्होंने कहा कि अगले कुछ दिनों में शेष क्षेत्रों का सर्वेक्षण भी पूरा कर लिया जाएगा और 5 जून तक पूरे शहर की जनगणना प्रक्रिया समाप्त करने का प्रयास किया जा रहा है। गया
छत्रपति संभाजीनगर जनगणना कार्य में ढिलाई बरतने वाले अधिकारी और कर्मचारियों को महानगरपालिका की ओर से नोटिस जारी किए गए है। संबंधित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है और उनके जवाबों की जांच की जा रही है। आयुक्त अमोल येडगे ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य संबंधी गंभीर कारण होने पर संबंधित कर्मचारियों को राहत दी जा सकती है। लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं देने वालों के खिलाफ कार्रवाई तय मानी जा रही है।
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जहां एक ओर लापरवाही करने वालों पर कार्रवाई की जा रही है, वहीं बेहतर प्रदर्शन करने वाले कर्मचारियों को प्रोत्साहित भी किया जा रहा है। कई कर्मचारियों ने तय समय से पहले अपना लक्ष्य पूरा कर लिया है, जबकि कुछ ने 200 से अधिक घरों का सर्वेक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया है। महानगरपालिका प्रशासन ने ऐसे कर्मचारियों के विशेष सम्मान की घोषणा की है। इससे कर्मचारियों में प्रतिस्पर्धात्मक माहौल बना है और जनगणना कार्य को और अधिक गति मिली है।
महानगरपालिका प्रशासन की कड़ी मॉनिटरिंग और स्पष्ट निर्देशों का असर अब जमीन पर दिखाई देने लगा है। पहले जहां जनगणना कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा था, वहीं अब शहर के अधिकांश क्षेत्रों में सर्वेक्षण लगभग अंतिम चरण में पहुंच चुका है प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि जनगणना जैसे राष्ट्रीय महत्व के कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी,