Sambhajinagar Professor Vacancies: छत्रपति संभाजीनगर डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर मराठवाड़ा विश्वविद्यालय में प्राध्यापकों की 73 रिक्त पदों पर भर्ती अब राज्य सरकार की नई नियमावली के अनुरूप की जाएगी। विश्वविद्यालय की प्रबंधन परिषद की बैठक में यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया।
कुलसचिव डॉ. प्रशांत अमृतकर ने जानकारी देते हुए बताया कि पूर्व में आवेदन कर चुके अभ्यर्थियों को भी नवीन नियमों के अनुसार अपना अद्यतन शैक्षणिक विवरण प्रपत्र अधांत एटीआर भरना अनिवार्य होगा।
साथ ही नए अभ्यर्थियों को भी आवेदन करने का अवसर प्रदान किया जाएगा। विश्वविद्यालय की प्रबंधन परिषद की बैठक शुक्रवार को प्रातः 11:30 बजे से दोपहर 2 बजे तक आयोजित की गई थी। बैठक की अध्यक्षता कुलपति डॉ. विजय फुलारी ने की।
इस अवसर पर प्र-कुलपति डॉ. वाल्मिक सरवदे, कुलसचिव डॉ. प्रशांत अमृतकर सहित कुल 20 सदस्य उपस्थित रहे। बैठक में कुल 20 प्रस्तावों पर विचार कर उन्हें स्वीकृति दी गई, साथ ही दो विषय तत्काल चर्चा के लिए प्रस्तुत किए गए जिन्हें भी मंजूरी प्रदान की गई।
बैठक में चार अधिष्ठाताओं सहित कुल नौ संवैधानिक पदों को भरने का निर्णय लिया गया। इसके अतिरिक्त राज्य सरकार द्वारा विभिन्न विभागों में स्वीकृत 73 शिक्षक पदों के लिए पुनः आवेदन आमंत्रित करने को भी स्वीकृति प्रदान की गई।
उल्लेखनीय है कि इन पदों के लिए सितंबर 2023 अप्रैल 2025 तथा नवंबर 2025 में आवेदन आमंत्रित किए गए थे। अब नई नियमावली लागू होने के कारण पूरी प्रक्रिया अद्यतन की जा रही है।
राज्य के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग ने 11 जनवरी को प्राध्यापक भर्ती को मंजूरी प्रदान की थी। 60.20.20 के आरक्षण प्रारूप के अनुसार पदों की पूर्ति की जाएगी, पूर्व में आवेदन कर चुके अभ्यर्थियो को पुनः शुल्क जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी। उन्हें अपने आवेदन में संशोधन तथा आवश्यक उन्नयन करने की सुविधा दी जाएगी।
नए अभ्यर्थी निर्धारित शुल्क के साथ आवेदन कर सकेंगे, संपूर्ण भर्ती प्रक्रिया केंद्र सरकार द्वारा विकसित समर्थ पोर्टल के माध्यम से संचालित की जाएगी जिससे पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित हो सके।
प्रबंधन परिषद ने विश्वविद्यालय के विभिन्न शैक्षणिक विभागों में एमेरिटस प्रोफेसर नियुक्त करने का निर्णय लिया। प्रत्येक संकाय में एक प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस तथा एक एडजंक्ट फैकल्टी की नियुक्ति को भी स्वीकृति दी गई।
इसके अतिरिका बीए योग तथा बीटेक मेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग जैसे नए पाठ्यक्रमों को शैक्षणिक वर्ष 2026-27 से प्रारभ करने का प्रस्ताव मंजूर किया गया, बैठक में विश्वविद्यालय से संबद्ध अभियांत्रिकी महाविद्यालयों के पुनः संबद्धीकरण का प्रस्ताव भी सर्वसम्मति से पारित किया गया।
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वर्तमान में विश्वविद्यालय से केवल पांच अभियांत्रिकी महाविद्यालय संबद्ध है जबकि अन्य महाविद्यालय अन्य विश्वविद्यालय से सबद्ध है।
इस संबंध में राज्य सरकार से सकारात्मक निर्णय लेने की अपेक्षा व्यक्त की गई, विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि नई नियमावली के अनुरूप पारदर्शी और सुव्यवस्थित प्रक्रिया अपनाने से शैक्षणिक गुणवत्ता को सुदृढ़ आवार मिलेगा और वोग्य अभ्यर्थियों को समान अवसर प्राप्त होगा।