जायकवाड़ी डैम (सौ. सोशल मीडिया ) 
औरंगाबाद

छत्रपति संभाजीनगर में बाढ़ का खतरा! भारी बारिश से बांध लबालब, जायकवाड़ी डैम के 27 गेट खोले

महाराष्ट्र में पिछले 4 दिनों से लगातार जारी बारिश के कारण राज्य में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। ऐसे में Chhatrapati Sambhaji Nagar स्थित जायकवाड़ी डैम के गेट खोल दिए गए हैं।

अपूर्वा नायक

Chhatrapati Sambhaji Nagar: जायकवाड़ी जलाशय क्षेत्र और नाशिक व अहिल्या नगर जिलों में लगातार चार दिनों से हो रही झमाझम बारिश ने गोदावरी नदी के जलस्तर में जबरदस्त वृद्धि कर दी है।

ऊपरी हिस्से के बड़े और छोटे कुल 23 बांध लबालब भर चुके है। इसी के चलते नाथसागर जलाशय की क्षमता 96 प्रतिशत तक भर गई है। इसे देखते हुए बुधवार को ही जायकवाड़ी बांध प्रशासन ने एहतियातन कदम उठाते हुए उसके कुल 27 दरवाजों में से 18 दरवाजे ढाई फुट तक खोल दिए थे।

देर रात तक जलाशय से 47,160 क्यूसेक पानी की निकासी हो चुकी थी, जबकि पानी की आवक 51,000 क्यूसेक से अधिक दर्ज की गई। इस वजह से तटीय गांवों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है और ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।

विभागों की संयुक्त बैठक

बांध अभियंता मंगेश शेलार के अनुसार, सुबह 7 बजे बांध प्रशासन, सिंचाई विभाग और जिलाधिकारी कार्यालय की संयुक्त बैठक में पहले चरण में दरवाजे आधे फुट खोलने का निर्णय लिया गया। दोपहर मैं आवक बढ़ने पर इन्हें डेढ़ फुट तक खोला गया। शाम होते-होते स्थिति और गंभीर होने पर दरवाजे दो फुट तक खो गए। रात 9 बजे स्थिति और बिगड़ने 18 गेट ढाई फुट खोल दिए गए, जिसक बड़ी मात्रा में पानी छोड़ा गया, उन्ह बताया कि पानी की निरंतर बढ़ती आवा को देखते हुए निकासी और बढ़ाई सकती है।

95.87% जल भंडारण

गुरुवार दोपहर 3 बजे तक बाध 95.87 प्रतिशत भर गया था। इसका कुल जल भंडारण 1521.25 फिट दर्ज किया गया है। बांध में 40 हजार 774 क्यूसेक पानी की आवक हो रही है। धानी के बहाव को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने 27 में से 18 मेटों के जरिए गोदावरी नदी बेसिन में कुल 28 हजार 296 क्यूसेक पानी छोडा है। सिंचाई विभाग ने नागरिकों को चेतावनी जारी की है व नदी किनारे बसे गांवों से सावधानी बरतने की अपील की है।

जायकवाडी बांध के सुरक्षा प्रमुख आबासाहब गरुड ने कहा है कि 66 जिला प्रशासन ने गोदावरी तटीय साथी के नागरिकों और किसानों से अपील की है कि वे सावधानी बरतें और अपने मवेशियों व कृषि सामग्री को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दे। प्रशासन का कहना है कि पानी का स्तर और बढ़ सकता है, इसलिए सभी को सतर्क रहने की आवश्यकता है।

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