यूबीटी आंदोलन (सौ. सोशल मीडिया ) 
अमरावती

Amravati News: किसानों की फसल बर्बाद, UBT का कृषि कार्यालय में आक्रामक आंदोलन

इस साल Maharashtra में हुई जोरदार बारिश ने किसानों के लिए मुश्किलें पैदा कर दी हैं। किसानों की खराब फसलों के साथ UBT शिवसेना के कुछ अधिकारियों ने जिले को अकालग्रस्त घोषित करने की डिमांड की है।

अपूर्वा नायक

Amravati News In Hindi: लगातार हो रही भारी बारिश और अतिवृष्टि से जिले सहित महाराष्ट्र के अनेक हिस्सों में किसानों की फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं।

इसी पृष्ठभूमि में शिवसेना (उबाठा) अमरावती जिला के शिवसेना जिला प्रमुख पराग गुडधे की ओर से जिले को गीला आकालग्रस्त घोषित करने की मांग को लेकर आक्रामक आंदोलन किया गया। आंदोलनकारियों ने जिला कृषि अधिकारी के कार्यालय में घुसकर उनके सामने सोयाबीन, तूअर और कपास की पलाटी जैसी सड़ी हुई फसलों के नमूने फेंककर प्रशासन के प्रति तीव्र नाराजगी जताई।

खेतों में सोयाबीन, तुअर व कपास की फसल सड़ी

पराग गुडधे ने कहा कि, लगातार हो रही भारी बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी है। खेतों में खड़ी फसलें सोयाबीन, तूअर, कपास पानी में सड़ चुकी हैं। शासन ने एक रुपया फसल बीमा योजना भी बंद कर दी है, जिससे किसानों की हालत और भी खराब हो गई है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, यदि सरकार ने तुरंत संपूर्ण पंचनामा कर अमरावती जिले को गीला आकालग्रस्त घोषित नहीं किया, तो किसी भी मंत्री को जिले में घुसने नहीं दिया जाएगा।

इन लोगों ने आंदोलन को बनाया सफल

आंदोलन में पराग गुडधे सहित नरेंद्र पडोले, मनोज कडू, विजय ठाकरे, प्रमोद धनोकार, कपिल देशमुख, नितिन हटवार, शिवराज चौधरी, सचिन ठाकरे, वैभव मोहोकार, आदित्य ठाकरे, राजेश बंड, रामा सोलंके, विजय जामोदकर, विजय पाचगरे, दिलीप काले, प्रदीप गौरखेडे, सतीश हरणे, मनोज साबले, विजय तायडे, संजय पिंगले, कैलास अवघड, प्रवीण रोडे सहित अनेक शिवसैनिक, कार्यकर्ता व किसान उपस्थित थे।

क्या नेपाल, भूटान या पाकिस्तान के नागरिक दे सकते हैं UPSC सिविल सेवा परीक्षा? जानिए पूरा नियम

गुजरात और महाराष्ट्र में PM मोदी का Gen Z से सीधा संवाद, वडोदरा में Y-आकार के रैंप पर युवाओं से करेंगे बातचीत

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह को जान से मारने की धमकी, मंत्रालय कार्यालय पहुंची गुमनाम चिट्ठी से मचा हड़कंप

Delhi Building Collapse Live: PG मालिक के बाद पत्नी-बेटा भी अरेस्ट, सत्य निकेतन में 27 घंटे बाद रेस्क्यू खत्म

फिरोज गांधी: नेहरू परिवार के सदस्य नहीं, आज़ाद भारत के पहले बड़े वित्तीय घोटाले का पर्दाफाश करने वाले सांसद