Navneet Rana vs Vijay Wadettiwar (फोटो क्रेडिट-X)  
अमरावती

'कांग्रेस ने पाले हैं हरे विषैले सांप': विजय वडेट्टीवार के 'विषवल्ली' तंज पर नवनीत राणा का करारा पलटवार

Navneet Rana vs Vijay Wadettiwar: विजय वडेट्टीवार और नवनीत राणा के बीच छिड़ी जुबानी जंग। 'विषवल्ली' और 'हरे सांप' जैसे बयानों से महाराष्ट्र की सियासत का राजनीतिक माहौल गरमाया।

अनिल सिंह

Vijay Wadettiwar Vishvalli Remark on Navneet Rana: महाराष्ट्र की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का स्तर एक बार फिर बेहद व्यक्तिगत और तल्ख हो गया है। पूर्व सांसद और भाजपा नेता नवनीत राणा और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता विजय वडेट्टीवार के बीच शब्दों की मर्यादा लांघने वाली जुबानी जंग छिड़ गई है। इस विवाद की शुरुआत अमरावती के परतवाड़ा मामले में नवनीत राणा के एक बयान से हुई, जिस पर वडेट्टीवार ने उन्हें 'विषवल्ली' (जहर की बेल) करार दिया। इसके जवाब में नवनीत राणा ने कांग्रेस पर 'हरे विषैले सांपों' को पालने का आरोप लगाकर आग में घी डालने का काम किया है।

विजय वडेट्टीवार ने नवनीत राणा की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि वे सांप्रदायिक जहर बोने के लिए पली-बढ़ी हैं। वडेट्टीवार का तर्क है कि महिलाओं पर होने वाले अत्याचारों में जाति और धर्म को घसीटना अशोभनीय है। उन्होंने सवाल उठाया कि नवनीत राणा ने किस आधार पर बुर्का पहनने वाली महिलाओं का जिक्र किया? वडेट्टीवार ने राणा पर धार्मिक कट्टरता फैलाने और दो समुदायों के बीच दरार पैदा करने का आरोप लगाते हुए मांग की है कि उन्हें तत्काल गिरफ्तार किया जाना चाहिए।

'हिंदू धर्म और हनुमान चालीसा' पर तंज

विजय वडेट्टीवार ने नवनीत राणा के हिंदुत्व के दावों पर भी निशाना साधा। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि जो लोग हनुमान चालीसा की दो पंक्तियाँ भी सही ढंग से नहीं पढ़ सकते, वे हिंदू धर्म की बात कर रहे हैं। वडेट्टीवार ने आरोप लगाया कि राणा केवल मुस्लिम युवकों को निशाना बनाकर मूर्खतापूर्ण बयान देती हैं, जबकि नासिक के टीसीएस मामले जैसे गंभीर मुद्दों पर वे चुप्पी साधे रहती हैं। उन्होंने राणा के बयानों को घृणित बताते हुए कहा कि चुनाव में हार के बावजूद उन्होंने अपनी जुबान पर संयम रखना नहीं सीखा है।

नवनीत राणा का पलटवार: 'कांग्रेस के हरे सांप'

वडेट्टीवार के तीखे हमलों का जवाब देते हुए नवनीत राणा ने उन्हें 'निर्मम' करार दिया। राणा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने हमेशा से 'हरे विषैले सांपों' (सांप्रदायिक तत्वों) को संरक्षण दिया है और आज वे लोग इसीलिए बेचैन हैं क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और देवेंद्र फडणवीस इन तत्वों को कुचलने का काम कर रहे हैं। राणा ने वडेट्टीवार को नसीहत दी कि महिलाओं के बारे में बोलने से पहले वे अपने घर की महिलाओं के बारे में सोचें।

सियासी सरगर्मी और नासिक का मुद्दा

इस विवाद में नवनीत राणा ने नासिक के टीसीएस मामले का जिक्र कर कांग्रेस को घेरा है। उन्होंने पूछा कि जब नासिक में महिलाओं के साथ अन्याय हुआ, तब ये 'निर्मम' लोग चुप क्यों थे? राणा का दावा है कि कांग्रेस ने अपने शासनकाल में तुष्टीकरण की राजनीति की और गंभीर मुद्दों को दबाने का काम किया। फिलहाल, दोनों नेताओं के बीच जारी इस जंग ने महाराष्ट्र के राजनीतिक वातावरण को गरमा दिया है, जहाँ विकास के मुद्दों के बजाय 'जहर' और 'सांप' जैसे शब्दों का बोलबाला है।

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