

Congress Attack on Mahayuti: महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता विजय वडेट्टीवार ने राज्य की मौजूदा महायुति सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब से 'धर्मांध शक्तियां' सत्ता में आई हैं, महाराष्ट्र में अघोरी विद्या, कर्मकांड और बुवाबाजी (पाखंडी बाबाओं) का प्रभाव तेजी से बढ़ा है। वडेट्टीवार ने कहा कि जिस राज्य ने समाज सुधारकों की विरासत संभाली है, वहां आज अंधविश्वास के नाम पर मासूमों का शोषण हो रहा है। उन्होंने सरकार पर ऐसे तत्वों को संरक्षण देने और कानून को ठंडे बस्ते में डालने का गंभीर आरोप लगाया है।
वडेट्टीवार ने चंद्रपुर जिले का उदाहरण देते हुए एक सनसनीखेज खुलासा किया। उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों से जिले में 'पैसों की बारिश' करने और 'गुप्त धन' खोजने के नाम पर खौफनाक अघोरी प्रथाएं चल रही हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इन तांत्रिक अनुष्ठानों में कछुए और उल्लू जैसे दुर्लभ वन्यजीवों के साथ-साथ नाबालिग लड़कियों और विधवा महिलाओं का इस्तेमाल किया जा रहा है। वडेट्टीवार ने आशंका जताई है कि इस अघोरी खेल की आड़ में महिलाओं का बड़े पैमाने पर यौन शोषण भी हुआ है, जो बेहद शर्मनाक है।
दिवंगत नरेंद्र दाभोलकर को याद करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि उन्होंने अंधविश्वास के खिलाफ लड़ते हुए अपने प्राणों का बलिदान दे दिया। उनके बलिदान के बाद महाराष्ट्र में 'अंधश्रद्धा निर्मूलन कानून' तो बना, लेकिन सरकार इसे लागू करने में पूरी तरह विफल रही है। वडेट्टीवार ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा, "बजट सत्र के दौरान भी मैंने यह मुद्दा उठाया था और इस कानून के लिए नियमावली (Rules) बनाने की मांग की थी। लेकिन सरकार गहरी नींद में है। क्या प्रशासन और भी मासूमों की बलि चढ़ने का इंतजार कर रहा है?"
विजय वडेट्टीवार ने सरकार से सवाल किया कि आखिर कितने और शोषण के मामलों के बाद राज्य में सख्त नियमावली तैयार की जाएगी? उन्होंने मांग की कि चंद्रपुर सहित पूरे राज्य में सक्रिय ऐसे पाखंडी बाबाओं और तांत्रिकों के खिलाफ 'अंधश्रद्धा निर्मूलन कानून' के तहत तत्काल आपराधिक मामले दर्ज किए जाएं।
वडेट्टीवार ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने इस मामले में कठोर कदम नहीं उठाए, तो कांग्रेस इस सामाजिक बुराई के खिलाफ सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेगी। इस बयान ने महाराष्ट्र की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है।