अमरावती कांड में नया मोड़, प्यारे खान ने Navneet Rana पर बोला तीखा हमला, POCSO में होगी कार्रवाई?

अमरावती के परतवाड़ा शोषण मामले में अल्पसंख्यक आयोग ने Navneet Rana पर पीड़िताओं की पहचान उजागर करने और धार्मिक तनाव फैलाने का आरोप लगाया है, वहीं एनसीडब्ल्यू ने भी जांच के आदेश दिए हैं।
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प्यारे खान Vs नवनीत राणा (सौ. डिजाइन फोटो )
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Amravati Paratwada Case Navneet Rana POCSO Demand: अमरावती जिले के परतवाड़ा में सामने आए यौन शोषण मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है।

राज्य अल्पसंख्यक आयोग ने भाजपा की पूर्व सांसद नवनीत राणा पर इस मामले को धार्मिक रंग देने और पीड़ित नाबालिग लड़कियों की पहचान उजागर करने का आरोप लगाया है।

आयोग ने उनके खिलाफ पॉक्सो के तहत मामला दर्ज करने की मांग की है। राज्य अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष प्यारे खान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में नवनीत राणा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राणा ने नाबालिग पीड़िताओं की जानकारी सार्वजनिक की है, जो कानूनन अपराध है। इसलिए उनके खिलाफ पोस्को के तहत कार्रवाई होनी चाहिए।

Navneet Rana पर लगाए आरोप

प्यारे खान के अनुसार, इस मामले में कुल 8 नाबालिग लड़कियां पीड़ित हैं-जिनमें एक नागपुर की, तीन अमरावती की और चार परतवाड़ा की हैं। उन्होंने दावा किया कि सभी पीड़िता मुस्लिम समुदाय से हैं और 180 हिंदू लड़कियों की बात महज अफवाह है, जिसे समाज में तनाव फैलाने के लिए फैलाया गया। उन्होंने यह भी बताया कि आयोग की टीम ने मौके का दौरा किया और स्थानीय पुलिस अधिकारियों से जानकारी ली। इसके आधार पर अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। प्यारे खान ने नवनीत राणा पर आरोप लगाया कि वे समाज में धार्मिक तनाव पैदा कर रही हैं।

NCW का महाराष्ट्र के DGP को जांच का निर्देश

अमरावती में 19 वर्षीय एक युवक द्वारा नाबालिग लड़कियों का यौन शोषण और उनके साथ दुर्व्यवहार किये जाने के आरोप से संबंधित खबर का स्वतः संज्ञान लेते हुए, एनसीडब्ल्यू ने शुक्रवार को राज्य के डीजीपी को इस मामले की समयबद्ध जांच करने का निर्देश दिया। आयोग ने महाराष्ट्र पुलिस से इस मामले में की गयी कार्रवाई पर पांच दिनों के अंदर एक रिपोर्ट भी मांगी है।

आरोपियों ने नाबालिग लड़कियों को बहला-फुसलाकर उन पर यौन हमला किया, उन कृत्यों को रिकॉर्ड किया और पीड़ितों को ब्लैकमेल करने के लिए वीडियो का इस्तेमाल किया। आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने महाराष्ट्र के डीजीपी सदानंद वसंत दाते को निर्देश दिया कि वह सुनिश्चित करें कि इस मामले की समयबद्ध और गहन जांच हो।

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