अस्पताल (सौजन्य-सोशल मीडिया) 
अमरावती

मेलघाट के 3 बड़े अस्पतालों का होगा कायाकल्प, धारणी में 100 से सीधे 300 बेड; तत्काल नियुक्तियों पर जोर

Melghat Health Upgrade: मेलघाट के स्वास्थ्य ढांचे में बड़ा बदलाव। धारणी अस्पताल अब 300 बेड का जिला अस्पताल बनेगा। चुर्णी और चिखलदरा अस्पतालों का श्रेणीवर्धन। कुपोषण पर होगा सीधा प्रहार।

प्रिया जैस

Dharni District Hospital: मेलघाट के आदिवासी क्षेत्रों में कुपोषण और मातृ-शिशु मृत्यु दर की गंभीर समस्या से निपटने के लिए सरकार ने एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। मुंबई उच्च न्यायालय के निर्देशों का पालन करते हुए शासन ने क्षेत्र के प्रमुख अस्पतालों के श्रेणीवर्धन और सुविधाओं के विस्तार को मंजूरी दी है। इस कदम से मेलघाट की दुर्गम पहाड़ियों में रहने वाले नागरिकों को अब बेहतर और त्वरित इलाज मिल सकेगा।

बेड की संख्या में बढ़ोतरी

सरकार ने मेलघाट के तीन प्रमुख केंद्रों पर स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करने का खाका तैयार किया है। धारणी के वर्तमान 100 बिस्तरों वाले अस्पताल को अब 300 बिस्तरों वाले जिला अस्पताल का दर्जा दिया जाएगा। इससे विशेषज्ञ डॉक्टरों और आधुनिक मशीनों की उपलब्धता बढ़ेगी।

  • धारणी अस्पताल - 100 से बढ़ाकर 300 बेड
  • चुर्णी अस्पताल - 30 से बढ़ाकर 50 बेड
  • चिखलदरा अस्पताल - 30 से बढ़ाकर 50 बेड

चुर्णी ग्रामीण अस्पताल के 30 बिस्तरों वाले अस्पताल को उन्नत कर 50 बिस्तरों वाला उपजिला अस्पताल बनाया जाएगा। वहीं पर्यटन स्थल और आदिवासी क्षेत्र होने के नाते चिखलदरा ग्रामीण अस्पताल को 30 बिस्तरों से बढ़ाकर 50 बिस्तरों वाले उपजिला अस्पताल में तब्दील किया जाएगा।

तत्काल नियुक्तियों पर जोर

अस्पतालों के बुनियादी ढांचे के साथ-साथ मानव संसाधन की कमी को दूर करने के लिए भी सरकार ने सख्त निर्देश दिए हैं। नए पदों के सृजन तक, राज्य के अन्य अस्पतालों से स्वास्थ्य कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से मेलघाट में तैनात किया जाएगा। जिला अस्पताल और उपजिला अस्पतालों के मानक के अनुसार नए चिकित्सा अधिकारियों और पैरामेडिकल स्टाफ की नियुक्ति प्रक्रिया जल्द शुरू होगी।

  • मेलघाट के स्वास्थ्य ढांचे में बड़ा बदलाव
  • 2 अस्पताल उपजिला स्तर पर उन्नत
  • 1 अस्पताल को जिला अस्पताल का दर्जा
  • कुपोषण और मातृ-शिशु मृत्यु दर कम करने पर फोकस
  • नए चिकित्सा अधिकारी व स्टाफ की भर्ती प्रस्तावित

बुनियादी ढांचा और निर्माण कार्य

शासन ने संबंधित विभागों को उन्नत अस्पतालों के लिए आवश्यक नई इमारतों और अन्य पायाभूत सुविधाओं के निर्माण का प्रस्ताव और बजट अनुमान तुरंत भेजने के निर्देश दिए हैं। उच्च न्यायालय के आदेश के बाद लिया गया यह निर्णय मेलघाट में कुपोषण और बाल मृत्यु दर को कम करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा। मुख्यमंत्री की इस पहल से आदिवासी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर शहरी क्षेत्रों के समकक्ष लाने का प्रयास किया जा रहा है।

सकारात्मक बदलाव की उम्मीद

मेलघाट लंबे समय से बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव से जूझ रहा था। अस्पतालों के इस श्रेणीवर्धन से न केवल स्थानीय स्तर पर इलाज की गुणवत्ता सुधरेगी, बल्कि गंभीर मरीजों को अमरावती या नागपुर रेफर करने की मजबूरी भी कम होगी। यह निर्णय क्षेत्र में सामाजिक और स्वास्थ्य सुधार की एक नई सुबह लेकर आया है।

  • नवभारत लाइव पर अमरावती से सतीश तायडे की रिपोर्ट

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