Jaykumar Gore (सोर्सः फाइल फोटो- सोशल मीडिया) 
अमरावती

जिला परिषद अभियंताओं की लंबित मांगों पर सरकार गंभीर, विकास कार्यों को मिलेगा नया बल

Jaykumar Gore: महाराष्ट्र में जिला परिषद अभियंताओं की वर्षों से लंबित मांगों के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हुई है। ग्राम विकास मंत्री जयकुमार गोरे की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक हुई।

महाराष्ट्र डेस्क

Rural Development: महाराष्ट्र राज्य के जिला परिषद अभियंताओं की वर्षों से लंबित मांगों के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हुई है। ग्राम विकास मंत्री जयकुमार गोरे की अध्यक्षता में मंत्रालय में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में अभियंताओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई।

जिला परिषद अभियंता संगठन महाराष्ट्र के सतत प्रयासों और लंबे समय से किए जा रहे अनुवर्तन के परिणामस्वरूप यह बैठक हुई। बैठक में राज्य की सभी जिला परिषदों में निर्माण कार्यों के लिए प्रोजेक्ट मैनेजमेंट सिस्टम लागू करने का निर्णय लिया गया। इस प्रणाली के लागू होने से विकास कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी तथा कार्यों की गति और गुणवत्ता में सुधार होगा।

जिला परिषद अभियंताओं की मांगों पर बनी सहमति

कई विषयों पर चर्चाइसके अलावा बढ़ते कार्यभार को ध्यान में रखते हुए निर्माण विभाग में नए उपविभागों का गठन, जिला परिषद लेखा संहिता की पुरानी और अप्रासंगिक धाराओं में संशोधन, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में पात्र जिला परिषद अभियंताओं को तदर्थ पदोन्नति, ग्रामीण जलापूर्ति विभाग में पदोन्नति कोटे का पुनरीक्षण, विद्युत कार्यों के लिए स्वतंत्र विद्युत उपविभागों की स्थापना तथा यांत्रिकी अभियंताओं के साथ हो रहे पदोन्नति संबंधी अन्याय को दूर करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर सकारात्मक चर्चा हुई।

ग्रामीण विकास परियोजनाओं को मिलेगी रफ्तार

बैठक में ग्राम विकास विभाग के प्रधान सचिव चंद्रकांत पुलकुंडवार, सार्वजनिक निर्माण विभाग के सहसचिव संजय देगावकर सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। नितीन झगड़े ने कहा कि सरकार द्वारा अपनाए गए सकारात्मक रुख से अभियंताओं की कई वर्षों पुरानी मांगों के समाधान का मार्ग प्रशस्त हुआ है और इससे ग्रामीण विकास कार्यों को नई गति मिलेगी।

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