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महाराष्ट्र सरकार वर्ष 2026-27 में चारा बीज और पौधे उपलब्ध कराने के लिए अनुदान देगी।
एक हेक्टेयर क्षेत्र में चारा उत्पादन के लिए 4,000 रुपए मूल्य तक के बीज और पौधे मिलेंगे।
पहले तीन से चार पशुधन होना जरूरी था, लेकिन अब वर्ष 2026-27 के लिए इस शर्त में छूट दी गई है।
Amravati Fodder Subsidy For Farmers: राज्य में सूखे की स्थिति के चलते पशुओं के सामने चारे का संकट उत्पन्न न हो, इसके लिए पूर्व विधायक बच्चू कडू ने किसानों को चारा उत्पादन हेतु अनुदान देने की मांग सरकार से की थी। इस मांग के संदर्भ में सरकार ने 14 अक्टूबर को शासन निर्णय जारी कर वर्ष 2026-27 के लिए चारा बीज एवं पौधों के वितरण की शर्तों में छूट देने का निर्णय लिया है।
मुख्यमंत्री ग्रामीण पशुधन उद्यमिता योजना के अंतर्गत व्यक्तिगत लाभार्थियों को एक हेक्टेयर क्षेत्र में चारा उत्पादन के लिए 4000 रुपए मूल्य तक के चारा बीज एवं पौधे 100 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध कराने का प्रावधान है। इससे पहले योजना का लाभ लेने के लिए किसान के पास कम से कम तीन से चार पशुधन होना अनिवार्य था। नए शासन निर्णय के अनुसार, वर्ष 2026-27 के लिए इस शर्त में छूट दी गई है। इससे पशुधन की निर्धारित शर्त पूरी नहीं कर पाने वाले किसानों को भी योजना का लाभ मिलने का रास्ता खुला है।
बच्चू कडू ने सूखे की समस्या से निपटने के लिए केवल चारा छावनियों पर निर्भर रहने के बजाय, जिन किसानों के पास जमीन और पानी उपलब्ध है, उन्हें चारा उत्पादन के लिए सीधे सहायता देने की मांग की थी। चारा उत्पादन बढ़ने से पशुधन के लिए हरा चारा उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी पैदा हो सकते हैं। सरकार के इस निर्णय से राज्य के पशुपालक किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है। अब योजना का लाभ पात्र किसानों तक समय पर पहुंचाने और चारा उत्पादन कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से लागू करने की जिम्मेदारी प्रशासन पर रहेगी।
योजना के तहत किसान समूहों को पांच हेक्टेयर क्षेत्र की सीमा में 20,000 रुपए मूल्य तक के चारा बीज एवं पौधे 100 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध कराए जाएंगे। किसान समूह इस योजना के माध्यम से सामूहिक रूप से चारा न उत्पादन कर सकते हैं। हालांकि, सार्वजनिक भूमि पर चारा उत्पादन करने वाले प्रत्येक क्षेत्र को अलग से अनुदान देने का स्पष्ट उल्लेख शासन निर्णय में नहीं है।
सूखे की स्थिति को ध्यान में रखते हुए सरकार ने चारा बीज वितरण के नियमों में एक और महत्वपूर्ण छूट दी है। यदि किसान या किसान समूह के पास चारा उत्पादन के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध है और पहली बार लाभ लेने के इच्छुक अन्य पात्र आवेदक मौजूद नहीं हैं, तो संबंधित लाभार्थी को एक से अधिक बार योजना का लाभ दिया जा सकता है। इसके लिए संबंधित किसान या किसान समूह के पास चारा उत्पादन के लिए पानी उपलब्ध होने की पुष्टि पशुसंवर्धन विभाग के संबंधित उपायुक्त से कराना अनिवार्य होगा। यह छूट केवल वर्ष 2026-27 के लिए लागू रहेगी।