Amravati Kirit Somaiya Bulletproof Jacket: पूर्व सांसद व, भाजपा नेता किरीट सोमैया गुरुवार को बुलेट प्रूफ जैकेट पहनकर मनपा परिसर पहुंचे। उनके पहुंचते ही परिसर का माहौल अचानक गरमा गया, एआईएमआईएम के पार्षदों, अन्य दलों के पदाधिकारियों और कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में एकत्र होकर उनके खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने सोमैया का रास्ता रोकते हुए 'गो सोमैया वापस जाओ... वापस जाओ...' के नारे लगाए, जिससे पूरा मनपा परिसर गूंज उठा।
विरोध प्रदर्शन के चलते कुछ समय के लिए परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बन गई और भारी पुलिस बंदोबस्त तैनात करना पड़ा। स्थिति को नियंत्रित करने के दौरान शिवसेना (उबाठा) के पार्षद संजय गव्हाडे को पुलिस ने कुछ समय के लिए डिटेन भी किया। विरोध प्रदर्शन और सुरक्षा व्यवस्था के बीच सोमैया ने अपना निर्धारित दौरा पूरा किया। घटना के कारण मनपा परिसर में राजनीतिक माहौल काफी गर्म रहा।
कुछ समय तक मनपा क्षेत्र में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही और दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच तीखी नारेबाजी चलती रही। एमआईएम के पार्षदों ने बीच रास्ते पर लेटकर काफिले को रोकने का भी प्रयास किया। मगर पुलिस कर्मियों व्दारा उन्हें रास्ते से अलग किया गया। हालात बिगड़ते देख पुलिस प्रशासन ने तत्काल मौके पर पहुंचकर सुरक्षा घेरा बनाया और भीड़ को नियंत्रित किया। वहीं पुलिस और आंदोलनकारियों में हल्की धक्का-मुक्की भी हुई। पुलिस की हस्तक्षेप के बाद स्थिति धीरे-धीरे सामान्य की गई।
आचार संहिता उल्लंघन के आरोपों को खारिज करते हुए सोमैया ने कहा कि किसी आपराधिक मामले की जांच की प्रगतिकी जानकारी लेना नियमों के खिलाफ नहीं है। वहीं, विपक्षी दलों ने इस कार्रवाई को राजनीतिक प्रेरित बताते हुए इसे चुनावी माहौल से जोड़कर देखा है। इस घटनाक्रम के चलते दिनभर मनपा परिसर में राजनीतिक हलचल बनी रही।
शिवसेना (उबाठा) के पार्षद संजय गव्हाले के नेतृत्व में भी कार्यकर्ताओं ने अमरावती मनपा परिसर में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। गव्हाले ने आरोप लगाया कि आचार संहिता लागू होने के बावजूद सोमैया का मनपा कार्यालय में दौरा करना सवालों के घेरे में है।
उन्होंने कहा कि बिना किसी आधिकारिक पद के मनपा के कामकाज में हस्तक्षेप करना उचित नहीं है। साथ ही मनपा प्रशासन और महापौर की भूमिका पर भी सवाल उठाए। शिवसेना कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी कर विरोध जताया और प्रशासन से मामले में स्पष्टता की मांग की। गवहाले ने चेतावनी दी कि यदि ऐसी गतिविधियों पर रोक नहीं लगाई गई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
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भाजपा के पूर्व सांसद किरीट सोमैया ने मनपा में अधिकारियों के साथ - बैठक के बाद कथित फर्जी जन्म प्रमाण पत्र मामले को गंभीर बताते हुए - व्यापक जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि फरवरी 2025 में इस मामले की लिखित शिकायत की गई थी, जिसके बाद जांच शुरू हुई। सोमैया ने कहा कि अब तक प्रशासन द्वारा करीब 4,800 फर्जी जन्म प्रमाणपत्र रद्द किए जा चुके हैं, जो मामले की गंभीरता को दर्शाता है। उन्होंने दावा किया कि जांच में सामने आए तथ्य चिंताजनक है और पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच होना आवश्यक है।
आंदोलन करने वाले एमआईएम के गुट नेता शेख हमीद सहित कुल 8 पार्षदों को सीटी कोतवाली पुलिस ने कुछ समय के लिए डिटेन कर वापस मनपा गेट पर लाकर छोड़ दिया। इस समय पार्षदों ने आरोप लगाया कि हम शहर का माहौल अब बिगड़ने नहीं देंगे और शहर की एकता को तोड़ने वाली ताकत का मिलजुलकर मुकाबला करेंगे।