अमरावती

'तय समय में पूर्ण करें काम', पालकमंत्री ने की जिला वार्षिक योजना की समीक्षा

नवभारत डेस्क

अमरावती. अमरावती जिले ने वर्ष 2022-23 में जिला वार्षिक योजना में 100 प्रतिशत खर्च किया है. इसी प्रकार वर्ष 2023-24 में सभी विभागों द्वारा विभिन्न समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश पालकमंत्री चंद्रकांत पाटिल ने दिए. पालकमंत्री की अध्यक्षता में जिला नियोजन समिति की समीक्षा बैठक जिलाधिकारी कार्यालय के राजस्व भवन में आयोजित की गई. इस समय वे अधिकारियों को बोल रहे थे. इस अवसर पर उन्होंने जिला वार्षिक योजना 2022-23 के साथ वर्ष 2023-24 और अनुसूचित जाति उपयोजना 2022-23 तथा वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए जिला वार्षिक योजना की समीक्षा की.

वर्ष 2022-23 में 100 प्रतिशत खर्च

वर्ष 2022-23 में जिला वार्षिक योजना (सामान्य) में प्रावधान 350 करोड़ रूपये है, जबकि अनुसूचित जाति कार्यान्वयन योजना के तहत बजटीय प्रावधान 101.20 करोड़ है. इसके अलावा जनजातीय उपयोजना और जनजातीय उपयोजना अतिरिक्त क्षेत्र (टीएसपी, ओटीएसपी, माडा मिनीमाडा) के लिए बजटीय प्रावधान 96.55 करोड़ है. तीनों शीर्ष में मार्च 2023 के अंत तक 100 प्रश खर्च किए गए हैं. जिला वार्षिक योजना (सामान्य) 2023-24 में बजटीय प्रावधान के अनुसार रु. 395 करोड़ का प्रावधान है. वर्ष 2022-23 के कार्यों की देनदारी 38.69 करोड़ है. इसके लिए प्राप्त प्रावधान 276.58 करोड़ है. सभी कार्यान्वयन एजेंसियों को मार्च 2024 के अंत तक निर्धारित समय सीमा के भीतर 100 प्रतिशत धनराशि खर्च करने का प्रयास करना चाहिए.

इस समय सांसद डॉ. अनिल बोंडे, विधायकगण प्रवीण पोटे पाटिल, प्रताप अडसड, राजकुमार पटेल, जिलाधिकारी सौरभ कटियार, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अविष्यांत पंडा, सहायक जिलाधिकारी तथा धारणी प्रकल्प अधिकारी रिचर्ड यान्थन, पालकमंत्री के विशेष कार्य अधिकारी बालासाहब यादव, मनपा आयुक्त देविदास पवार, निवासी उपजिलाधिकारी डॉ विवेक घोडके, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी संतोष जोशी, जिला नियोजन अधिकारी अभिजीत म्हस्के समेत विविध विभाग प्रमुख उपस्थित थे.

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