श्रीराम जन्मभूमि मुख्य कार्यकारी अधिकारी चयन के लिए डॉ सुरेश हावरे प्रतीकात्मक तस्वीर (सोर्स -AI)  
अमरावती

डॉ. सुरेश हावरे बनेंगे राम मंदिर ट्रस्ट के नए CEO? अमरावती से है खास नाता, जानें कौन है ये दिग्गज साइंटिस्ट

Ram Mandir Trust: अमरावती के वैज्ञानिक डॉ. सुरेश हावरे को राम मंदिर ट्रस्ट के CEO चयन समिति में शामिल किया गया है। पोखरण परीक्षण का हिस्सा रहे डॉ. हावरे पूर्व में शिर्डी संस्थान के अध्यक्ष भी रहे हैं।

केतकी मोडक

Dr Suresh Havare Ram Mandir Trust: रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) के चयन के लिए 3 सदस्यीय समिति बनाई है। इस समिति में अंजनगांव सुर्जी के समीप स्थित पथरोट गांव के निवासी एवं प्रख्यात वैज्ञानिक डॉ. सुरेश हावरे का चयन किया गया है। इस खबर से अमरावती जिले में खुशी का माहौल है और इसे जिले के लिए गौरव का क्षण माना जा रहा है। हावरे परिवार के करीबी सूत्रों के अनुसार इस पद पर सुरेश हावरे का चयन होने की पूरी संभावना व्यक्त की गई है।

किसान परिवार में जन्मे डॉ. हावरे ने प्रारंभिक शिक्षा पथरोट और आसपास के विद्यालयों में प्राप्त की, जबकि उच्च शिक्षा के लिए मुंबई जाकर इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद वे भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC) में वैज्ञानिक रहे। वर्ष 1998 के पोखरण परमाणु परीक्षण अभियान में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।

बाद में उन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेकर कई राष्ट्रीय स्तर की संस्थाओं में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाईं। वे पूर्व में साईं बाबा संस्थान, शिर्डी के अध्यक्ष भी रह चुके हैं तथा वर्तमान में अमरनाथ श्राइन बोर्ड के सदस्य हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि सीईओ की चयन समिति में उनका चयन प्रशासनिक क्षमता, पारदर्शी कार्यशैली और राष्ट्रीय स्तर के अनुभव को देखते हुए किया गया है।

स्व. दादासाहेब हावरे के संघर्ष का सम्मान

दादासाहेब हावरे चैरिटेबल ट्रस्ट अध्यक्ष सुधाकर हावरे ने कहा है कि रामजन्मभूमि आंदोलन में सक्रिय कारसेवक रहे स्व. दादासाहेब हावरे ने राम मंदिर निर्माण के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया था। आज उनके पुत्र डॉ. सुरेश हावरे की श्रीराम जन्मभूमि मंदिर ट्रस्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी चयन समिति में चयन उनके संघर्ष, समर्पण और तपस्या का सम्मान माना जा रहा है।

राम मंदिर आंदोलन से जुड़ा रहा परिवार

डॉ. सुरेश हावरे के पिता स्व. दादासाहेब हावरे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के समर्पित कार्यकर्ता थे और राम मंदिर आंदोलन में कारसेवक के रूप में सक्रिय रहे। हावरे परिवार लंबे समय से सामाजिक कार्यों के साथ जुड़ा हुआ है। उनका परिवार मुंबई के वाशी में नामांकित बिल्डर के तौर पर आज भी कार्यरत है।

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