Daryapur ST Depot MLA Gajanan Lavate: दर्यापुर एसटी डिपो में इन दिनों कर्मचारियों और यात्रियों के बीच भारी असंतोष का माहौल बना हुआ है। डिपो मैनेजर आशीष बाहुलकर के कथित मनमाने, तानाशाही और कर्मचारियों के प्रति असहयोगात्मक रवैये के खिलाफ कर्मचारियों का गुस्सा अब खुलकर सामने आने लगा है। लगातार मिल रही शिकायतों और यात्रियों को हो रही परेशानियों को गंभीरता से लेते हुए स्थानीय विधायक गजानन लवटे ने दर्यापुर एसटी डिपो का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान डिपो की व्यवस्थाओं की पोल खुलती नजर आई, वहीं कर्मचारियों ने भी विधायक के सामने अपनी समस्याएं खुलकर रखीं।
निरीक्षण के दौरान विधायक लवटे ने डिपो मैनेजर आशीष बाहुलकर को जमकर फटकार लगाई। कर्मचारियों का आरोप है कि बाहुलकर दर्यापुर के ही निवासी होने के कारण डिपो में अपनी मनमानी चला रहे हैं और कर्मचारियों पर दबाव बनाकर काम कराया जा रहा है। कर्मचारियों ने विधायक को बताया कि डिपो में लंबे समय से कई प्रशासनिक समस्याएं बनी हुई हैं, लेकिन मैनेजर उनकी शिकायतों पर ध्यान देने के बजाय उन्हें दबाने का प्रयास करते हैं।
कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि डिपो में कार्यरत स्टाफ के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार किया जा रहा है। कई बार कर्मचारियों को बिना उचित कारण फटकार लगाई जाती है, जबकि डिपो की वास्तविक समस्याओं की ओर ध्यान नहीं दिया जाता। कर्मचारियों ने विधायक से कहा कि मैनेजर की कार्यशैली के कारण डिपो का वातावरण तनावपूर्ण बन चुका है और इसका सीधा असर यात्रियों को मिलने वाली सेवाओं पर पड़ रहा है।
विधायक गजानन लवटे ने जब एसटी डिपो मैनेजर से कर्मचारियों की शिकायतों और अव्यवस्थाओं को लेकर जवाब मांगा, तो मैनेजर संतोषजनक उत्तर नहीं दे सके। उन्होंने कई मामलों में टालमटोल भरे जवाब दिए, जिससे डिपो प्रशासन की लापरवाही और अव्यवस्था उजागर हो गई। विधायक ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यात्रियों की सुविधा और कर्मचारियों की समस्याओं की अनदेखी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान सबसे बड़ा मुद्दा अंजनगांव रूट की बस फेरियों को लेकर सामने आया। विधायक लवटे ने डिपो मैनेजर से पूछा कि अंजनगांव मार्ग की रोजाना 2 से 3 बस फेरियां आखिर क्यों रद्द की जा रही हैं, जबकि इस रूट पर यात्रियों की संख्या लगातार बनी रहती है। इस पर मैनेजर ने कर्मचारियों की कमी और तकनीकी कारणों का हवाला देकर जिम्मेदारी कर्मचारियों पर डालने की कोशिश की।
यह भी पढ़ें:- विदर्भ में आसमान से बरस रही आग: अकोला, अमरावती और वर्धा में हीटवेव का ‘रेड अलर्ट’, पारा 47 डिग्री के पार
हालांकि कर्मचारियों और स्थानीय लोगों ने विधायक को बताया कि वास्तविकता कुछ और ही है। आरोप है कि अंजनगांव रूट की फेरियां जानबूझकर रद्द कर अकोट और अमरावती रूट पर अतिरिक्त बसें चलाई जा रही हैं, जिससे अन्य रूटों को प्राथमिकता दी जा रही है। इसका सबसे अधिक नुकसान अंजनगांव क्षेत्र के यात्रियों को उठाना पड़ रहा है। यात्रियों को घंटों बसों का इंतजार करना पड़ता है, कई बार उन्हें निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ता है, जिससे आर्थिक बोझ भी बढ़ रहा है।
विधायक लवटे ने इस पूरे मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि यदि यात्रियों को समय पर बस सुविधा नहीं मिल रही है और कर्मचारियों को प्रताड़ित किया जा रहा है, तो यह प्रशासनिक विफलता का स्पष्ट उदाहरण है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि जल्द से जल्द व्यवस्थाओं में सुधार किया जाए, अन्यथा संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी।
निरीक्षण के अंत में विधायक ने कर्मचारियों को आश्वासन दिया कि उनकी सभी समस्याओं को संबंधित विभाग और उच्च अधिकारियों के सामने मजबूती से उठाया जाएगा। साथ ही यात्रियों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने और डिपो की कार्यप्रणाली में सुधार लाने के लिए आवश्यक कदम उठाने की बात भी कही।