दीवाली ऑफर की आड़ में साइबर ठगी (सौजन्य-IANS) 
अमरावती

‘दीवाली धमाका ऑफर' की आड़ में साइबर ठगी, एक क्लिक से बन सकता है धोखा, इन बातों का रखें ध्यान

Cyber Department: दिवाली नज़दीक आ रही है और दिवाली ऑफर्स की भरमार भी आ रही है। साइबर क्राइम डिपार्टमेंट ने इन ऑफर्स की आड़ में साइबर धोखाधड़ी के खतरे के प्रति आगाह किया है।

प्रिया जैस

Cyber Alert: दीवाली का पर्व नजदीक है और बाजारों से लेकर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म तक ‘धमाका ऑफर्स’ की भरमार है। कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक्स, गहने, मोबाइल और गिफ्ट्स पर भारी छूट की पेशकश लोगों को आकर्षित कर रही है। लेकिन इन लुभावनी ऑफर्स के पीछे ठगी करने वाले गिरोह सक्रिय हो चुके हैं, जो भोले-भाले ग्राहकों को फंसाने का काम कर रहे हैं।

मैसेजिंग ऐप्स- फर्जी वेबसाइट्स से रहे सतर्क

पिछले वर्ष 45 लाख रुपये की साइबर ठगी की घटनाएं सामने आई थीं, जब लोगों ने सोशल मीडिया, मैसेजिंग ऐप्स या फर्जी वेबसाइट्स पर आई ‘दिवाली धमाका ऑफर’ पर भरोसा किया। कुछ मामलों में फ्री गिफ्ट के नाम पर लोगों से बैंक डिटेल्स मांगी गईं, तो कुछ मामलों में भुगतान के बाद भी सामान नहीं भेजा गया और वेबसाइट्स गायब हो गईं। अब साइबर विभाग और पुलिस ने नागरिकों को सतर्क रहने की अपील की है। अगर किसी भी प्रकार की ठगी होती है, तो तत्काल पास के पुलिस स्टेशन या साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराने का अनुरोध किया गया है।

कैसे बरतें सावधानी

केवल अधिकृत और पहचान वाली वेबसाइट्स से ही खरीदारी करें। वेबसाइट 'https://' से शुरू होनी चाहिए यह सुरक्षित साइट का संकेत है। कोई भी व्यक्ति अगर ऑफर के नाम पर आपसे यूपीआई पिन, ओटीपी या कार्ड डिटेल्स पूछे तो तुरंत सावधान हो जाएं। 'फ्री गिफ्ट', 'स्क्रैच एंड विन' जैसी लिंक पर क्लिक न करें, तुरंत डिलीट करें। अनजान लिंक या विज्ञापन पर क्लिक करने से मोबाइल का कंट्रोल हैकर के पास चला सकता है। किसी भी आकर्षक ऑफर की बाजार में कीमत से तुलना करें। ज़रा सी लापरवाही आपकी मेहनत की कमाई छीन सकती है। यदि ठगी हो जाए तो तुरंत पुलिस सायबर विभाग की वेबसाईट पर शिकायत करें या हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।

साइबर ठगी के प्रकार

  • फर्जी ऑफर्स देना
  • बैंक डिटेल्स मांगना
  • भुगतान के बाद सामान न भेजना
  • वेबसाइट गायब होना

पहले भी हुए हैं ये ठगी के मामले

कुछ दुकानदारों ने दिवाली ऑफर के नाम पर घटिया या बदली हुई चीजें दीं। सोशल मीडिया पर फर्जी विज्ञापन देकर लिंक पर क्लिक करवाया गया, जिससे कई लोग ठगे गए। व्हाट्सएप ग्रुप्स में ऑफर देकर पहले एडवांस पेमेंट मांगा गया। क्यूआर कोड और यूपीआई से पेमेंट करने के बाद पैसे गायब हो गए।

सतर्कता बेहद जरूरी

सोशल मीडिया पर आई किसी भी संदिग्ध लिंक को ओपन न करें। कई बार ये लिंक आपके मोबाइल का एक्सेस साइबर ठगों को दे देती हैं। दिवाली में ऐसे मामले बढ़ जाते हैं। इसलिए सतर्कता बेहद जरूरी है।

- अनिकेत कासार, एपीआई, सायबर विभाग।

BRICS Summit Day 1: मोदी-जिनपिंग की मुलाकात, दिल्ली डिक्लेरेशन और गाला डिनर... समिट के पहले दिन क्या-क्या हुआ?

कांग्रेस का संगठन पुरुष प्रधान है.. कर्नाटक में महिलाओं की अनदेखी पर शिवसेना नेता कृष्णा हेगड़े ने साधा निशाना

BRICS Summit: भारत मंडपम में भव्य गाला डिनर, PM मोदी ने विदेशी मेहमानों को परोसे खास भारतीय व्यंजन

माउंट रुद्रगैरा पर लहराया तिरंगा: लखनऊ की बेटी पूर्वा धवन ने 5,826 मीटर ऊंची चोटी की फतह, मिशन एवरेस्ट पर नजर

BRICS Summit: भारत मंडपम में दिखी मोदी-पुतिन-जिनपिंग की केमिस्ट्री, तस्वीरों ने खींचा ध्यान