अमरावती

वरुड- काटोल सीमेंट मार्ग पर पड़ीं दरारें, दोपहिया वाहनों के लिए बढ़ा खतरा

वरुड से काटोल के बीच सीमेंट मार्ग पर दरारें बढ़ती जा रही हैं, जिससे वाहन चालकों के लिए खतरा बढ़ गया है। नागरिकों ने मरम्मत की मांग की है।

महाराष्ट्र डेस्क

Amravati News: वरुड से काटोल के बीच करोड़ों की लागत से बना मुख्य सीमेंट मार्ग अब वाहन चालकों के लिए मौत का जाल बनता जा रहा है. निर्माण के कुछ ही वर्षों के भीतर सड़क की हालत दयनीय हो गई है, लेकिन संबंधित विभाग अब भी गहरी नींद में सोया हुआ है.फोटो सीमेंट मार्गसड़क के बीच और किनारों पर 2 से 3 इंच चौड़ी और आधा से एक फीट लंबी भयानक दरारें पड़ गई हैं. कई जगहों पर सीमेंट के ब्लॉक उखड़ जाने से गहरे गड्ढे बन गए हैं.

रात के अंधेरे या बारिश के दौरान ये दरारें दुपहिया वाहन चालकों को दिखाई नहीं देतीं, जिससे टायर फिसलने और संतुलन बिगड़ने के कारण लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं.चांदस, वाठोडा, आमनेर, काटोल, घोराड, ढगा और सुरली गांवों के किसान, विद्यार्थी और नौकरीपेशा लोग इसी मार्ग से प्रतिदिन वरुड आतेजाते हैं. स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सड़क का काम अत्यंत निम्न स्तर का हुआ है.

एक स्थानीय किसान ने बताया कि हमें लगा था कि नई सड़क बनने के बाद 20 साल तक कोई समस्या नहीं होगी, लेकिन कुछ ही दिनों में दरारें पड़ गईं.हैरानी की बात यह है कि इसी मार्ग से तहसील कार्यालय, लोक निर्माण विभाग के अधिकारी और जन प्रतिनिधियों के वाहन रोजाना गुजरते हैं, फिर भी मरम्मत की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया है. नागरिकों ने संबंधितों पर कार्रवाई करने की मांग की है.

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