चिखलदरा का ग्लास स्काईवाक (सोर्स: साेशल मीडिया) 
अमरावती

चिखलदरा में देश का पहला 407 मीटर का ग्लास स्कायवॉक तैयार, 1500 फीट की ऊंचाई से दिखेगा जन्नत का नजारा

Amravati News: विदर्भ के नंदनवन चिखलदरा में बन रहे देश के सबसे लंबे स्कायवॉक का काम जल्द पूरा होने वाला है। 1500 फीट की ऊंचाई और 80 मीटर के पारदर्शी कांच के साथ यह रोंगटे खड़े कर देने वाला अनुभव देगा।

आकाश मसने

Chikhaldara Glass Skywalk News: विदर्भ के प्रसिद्ध हिल स्टेशन और 'नंदनवन' कहे जाने वाले चिखलदरा में बन रहा देश का पहला और सबसे लंबा 'ग्लास स्कायवॉक' अब अपने अंतिम पड़ाव पर है। पिछले 4 से 5 वर्षों से प्रतीक्षित यह प्रोजेक्ट आगामी गर्मियों के मौसम यानी अप्रैल-मई 2026 तक पूरी तरह तैयार होने की संभावना है। 1500 फीट गहरी खाई के ऊपर बना यह स्कायवॉक न केवल महाराष्ट्र बल्कि पूरे भारत के पर्यटन मानचित्र पर एक नया अध्याय लिखेगा।

80 मीटर का पारदर्शी रोमांच

इस स्कायवॉक की कुल लंबाई 407 मीटर है, जो इसे भारत का सबसे लंबा स्कायवॉक बनाती है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता इसके मध्य भाग में स्थित 80 मीटर लंबा पारदर्शी कांच है। जब पर्यटक इस हिस्से पर चलेंगे, तो उन्हें अपने पैरों के नीचे 1500 फीट गहरी खाई और चारों तरफ फैली सतपुड़ा की हरी-भरी वादियों का अद्भुत दृश्य दिखाई देगा। यह रोमांचकारी अनुभव पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए इस प्रोजेक्ट का मुख्य केंद्र बिंदु है।

विंड टनल टेस्ट के कारण हुई देरी

स्कायवॉक का सिविल वर्क काफी समय पहले पूरा हो गया था, लेकिन सुरक्षा और तकनीकी अनुमतियों के कारण काम में विलंब हुआ। गुजरात में हुए एक पुल हादसे के बाद सुरक्षा मानकों को और भी कड़ा कर दिया गया था। इसके तहत स्कायवॉक का 'विंड टनल टेस्ट' अनिवार्य किया गया। सिडको ने आईआईटी रुड़की और अन्य विशेषज्ञों के माध्यम से यह जटिल परीक्षण संपन्न कराया। लगभग चार महीने पहले सभी तकनीकी रिपोर्ट और अनुमतियां प्राप्त होने के बाद अब निर्माण कार्य ने फिर से गति पकड़ ली है।

सिडको और वन विभाग की अंतिम अनुमति का इंतजार

सिडको के प्रभारी कार्यकारी अभियंता अक्षय महल्ले के अनुसार, वर्तमान में निर्माण कार्य युद्धस्तर पर जारी है। निर्माण पूरा होने के बाद इसे आम जनता के लिए खोलने से पहले केंद्रीय वन विभाग से अंतिम अनुमति (Final Clearance) लेना आवश्यक होगा। चूंकि यह क्षेत्र संवेदनशील वन क्षेत्र के अंतर्गत आता है, इसलिए पर्यावरण नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा रहा है। अनुमति मिलते ही इसे आधिकारिक तौर पर पर्यटकों के लिए खोल दिया जाएगा।

पर्यटन को मिलेगा नया आयाम

चिखलदरा स्कायवॉक के शुरू होने से अमरावती जिले में पर्यटन को भारी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। गर्मियों की छुट्टियों में यहाँ आने वाले पर्यटक न केवल प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेंगे, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर के इस आधुनिक इंजीनियरिंग चमत्कार का भी अनुभव कर सकेंगे। सिडको का लक्ष्य है कि मई 2026 तक इस स्कायवॉक को पर्यटकों के स्वागत के लिए पूरी तरह सुसज्जित कर दिया जाए।

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