Amravati Municipal Corporation: स्कूल और कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू होते ही मनपा के जन्ममृत्यु पंजीकरण विभाग में जन्म प्रमाणपत्र बनवाने वालों की भीड़ बढ़ गई है। आधार कार्ड में नाम, जन्मतिथि या अन्य जानकारी में संशोधन के लिए जन्म प्रमाणपत्र अनिवार्य किए जाने के बाद आवेदनों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
वर्तमान में बैंकिंग, पैन कार्ड, शैक्षणिक प्रवेश, शासकीय योजनाओं और अन्य कई कार्यों के लिए आधार कार्ड आवश्यक दस्तावेज बन चुका है। ऐसे में आधार कार्ड में किसी प्रकार की त्रुटि होने पर उसे सुधारना जरूरी हो गया है। विशेष रूप से विद्यार्थियों के प्रवेश सत्र के दौरान आधार कार्ड अपडेट कराने की आवश्यकता अधिक बढ़ गई है।
नए नियमों के अनुसार आधार कार्ड में नाम या जन्मतिथि में बदलाव के लिए जन्म प्रमाणपत्र, राजपत्र गजट अथवा पासपोर्ट में से कोई एक वैध दस्तावेज प्रस्तुत करना अनिवार्य है। अधिकांश नागरिकों के पास पासपोर्ट या गजट उपलब्ध नहीं होने के कारण जन्म प्रमाणपत्र ही एकमात्र विकल्प बचता है। इसके चलते मनपा के जन्ममृत्यु विभाग पर अतिरिक्त दबाव बढ़ गया है और नागरिकों को बारबार कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। विभाग को पुराने रिकॉर्ड से जन्म प्रमाणपत्र जारी करने में तकनीकी समस्याओं का भी सामना करना पड़ रहा है। अधिकारियों के अनुसार उपलब्ध पोर्टल में एक समय में केवल दो हजार रिकॉर्ड की प्रक्रिया की सीमा होने से कार्य प्रभावित हो रहा है।
प्रवेश सत्र और आधार कार्ड अपडेट की बढ़ती जरूरत के कारण जन्म प्रमाणपत्रों की मांग में तेजी आई है। पुराने रिकॉर्ड निकालने में पोर्टल की सीमाओं के कारण कुछ तकनीकी दिक्कतें भी सामने आ रही हैं। प्रतिभा आत्राम, उपनिबंधक जन्ममृत्यु विभाग अनिवार्य कर दिया गया पहले स्कूल छोड़ने का प्रमाणपत्र या मतदाता पहचान पत्र जैसे दस्तावेज मान्य थे, लेकिन अब आधार कार्ड में नाम अथवा अन्य जानकारी में सुधार के लिए जन्म प्रमाणपत्र या राजपत्र अनिवार्य कर दिया गया है।
आशीष आकोटकर, संचालक आपले सरकार सेवा केंद्र जन्म प्रमाणपत्र के लिए बढ़ी दौड़भागस्कूल और कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने तथा आधार कार्ड संशोधन के लिए जन्म प्रमाणपत्र की अनिवार्यता के कारण नागरिकों की भागदौड़ बढ़ गई है।