Amravati Jain Community: अमरावती शहर के मध्य बडनेरा रोड स्थित दादावाड़ी परिसर में जैन साध्वियों का चातुर्मास हेतु मंगल प्रवेश तथा श्री विचक्षण आराधना भवन के विस्तारीकरण का लोकार्पण समारोह उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
इस समय पूरे विदर्भ से समाज बंधु सहभाग लेने हेतु पहुंचे थे। चातुर्मास स्थल पहुंचने हेतु शोभायात्रा बर्तन बाजार स्थित जैन श्वेतांबर बड़ा मंदिर से प्रारंभ हुई। इसमें समता मूर्ति विचक्षणश्री की जन्मस्थली तथा नूतन आचार्य महेंद्रसागर सुरीश्वर महाराज की दीक्षाभूमि पर इस चातुर्मास के लिए पधारीं कैवल्यधाम तीर्थ प्रेरिका साध्वी निपुणश्री महासती की सुशिष्या साध्वी स्नेहायशश्री, साध्वी सिद्धांतनिधिश्री तथा साध्वी शौर्यनिधिश्री थाना तीन सहित बड़ी संख्या में समाज के महिलापुरुष सम्मिलित हुए।
शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए यह शोभायात्रा चातुर्मास स्थली दादावाड़ी पहुंची। इस समय चातुर्मास हेतु जैन धर्म के अनुसार प्रवेश प्रक्रिया के लिए समाज से साध्वियों ने आज्ञा ली। इसके पश्चात तीनों साध्वियों का विधिवत प्रवेश हुआ। तत्पश्चात आराधना भवन में धर्मसभा परिवर्तित हुई।
इस समय साध्वी स्नेहायशश्री ने उपस्थितों को अपने प्रथम संबोधन में कहा कि चातुर्मास का मतलब इस चार माह में हर व्यक्ति को अपनी आत्मशुद्धि का मौका निसर्ग द्वारा ही दिया जाता है। इसका पूरा लाभ उठाने का अनुरोध किया। उन्होंने उपस्थितों को फेथ, फियर तथा फोर्स का संदेश दिया।
फेथ यानी हर व्यक्ति अपने देव, गुरु, साधु-साध्वी पर पूरी श्रद्धा रखें। इसमें किंचित मात्र का भी संकोच की संभावना नहीं होनी चाहिए। दूसरा फियर यानी पूरे मनोबल से तप, तपश्चर्या तथा जैन धर्म के अनुसार क्रिया का पालन करना चाहिए। तीसरा फोर्स यानी जो भी करो, पूरी आस्था और विश्वास के साथ करना चाहिए।
चातुर्मास का मंगल प्रवेश तथा आराधना भवन के विस्तारीकरण के लोकार्पण कार्यक्रम में प्रमुख अतिथि के तौर पर गौतमचंद इंदरचंद चोपड़ा, हैदराबाद, पन्नालाल गोलछा, दुर्ग म.प्र. तथा विजय झाड़जुड, मुंबई एवं प्रसिद्ध भद्रावती मंदिर के ट्रस्टी दिनेश कोचर की विशेष उपस्थिति में कार्यक्रम संपन्न हुआ।
ये भी पढ़े: Chandrapur News: ट्रेन में टीटीई पर हमले की घटना की निंदा, दोषियों और संरक्षणकर्ताओं पर कार्रवाई की मांग
इस नवनिर्मित हॉल के विस्तारीकरण कार्यक्रम के प्रमुख लाभार्थी शांतिदेवी सूरजमल बोथरा परिवार, नागपुरअमरावती तथा जैन श्वेतांबर बड़ा मंदिर ट्रस्ट हैं। इसमें विशेष सहयोगी के तौर पर एड. देवराज गोकुलचंद सुगनचंद बोथरा परिवार तथा पारसमल चुन्नीलाल चोरड़िया परिवार सहित अन्य 22 सहयोगियों ने विशेष सहयोग दिया है।
इस उपलक्ष्य में उपस्थितों तथा समाज बंधुओं के लिए प्रसादी का आयोजन किया गया है। इसके लाभार्थी संघवी मातोश्री अणचीबाई नेमीचंद लुनिया परिवार था। इस आयोजन को सफल बनाने हेतु जसवंतराय लुनिया, भारत खजांची, कोमल बोथरा, एड। विजय बोथरा, नवीन चोरड़िया, जितेंद्र गोलछा, विजय बुच्चा, विनोद सामरा, परेश शाह, सुशील गोलछा, अनिल सुराणा, राजेंद्र बुच्चा, अजय बुच्चा, प्रफुल्ल सावला, सुदर्शन गांग, एड। प्रमोद बोथरा, शांतिलाल गांधी सहित अन्य समाज बंधुओं ने उत्साह के साथ प्रयास किया।