Amravati-Mumbai Flights: अमरावती के बेलोरा विमानतल से विमानों के उड़ने और वापस आने की शिकायत कई दिनों से नागरिकों के बीच रही। कई बार विमानों के वापस होने से भी यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में अब अलायंस एअर कंपनी ने इन फ्लाइट के समय में बदलाव का निर्णय लिया है। साथ ही सप्ताह में 3 की बजाय अब 4 दिन तक यह सुविधा करने का विचार एयरपोर्ट प्रशासन कर रहा है।
वहीं अब आगामी अक्तूबर माह से यह फ्लाइट सुबह 9.15 बजे अमरावती बेलोरा एअरपोर्ट से मुंबई के लिए उड़ान भरेगी। साथ ही आगामी जनवरी माह से अमरावती एअरपोर्ट पर नाइट लैंडिंग की सुविधा भी प्रारंभ होगी। एअरपोर्ट विश्वस्तों के माध्यम से प्राप्त जानकारी के अनुसार अलायंस के नए टाइम टेबल के अनुसार अक्टूबर माह से मुंबई अमरावती फ्लाइट सुबह 7 बजकर 5 मिनट पर मुंबई से निकलकर 8.50 बजे अमरावती एअरपोर्ट पर लैंड होगी। सुबह 9.15 बजे यहां से मुंबई के लिए उड़ान भरेगी और सुबह 11 बजे मुंबई पहुंचेगी।
जानकारी के अनुसार सोमवार शाम मुंबई से अमरावती के बेलोरा एयरपोर्ट के लिए रवाना हुआ एअर अलायंस का विमान खराब मौसम और नाइट लैंडिंग सुविधा के अभाव के कारण अमरावती में उतर नहीं सका और आकाश से ही वापस मुंबई लौट गया। अचानक हुई घटना से यात्रियों में नाराजगी फैल गई और कई लोगों की जरूरी योजनाएं प्रभावित हो गईं। एयरपोर्ट प्रशासन ने बताया कि शाम के समय अमरावती क्षेत्र में घनघोर बादल, तेज हवा और बारिश के कारण लैंडिंग संभव नहीं हो सकी। बेलोरा एयरपोर्ट पर नाइट लैंडिंग की सुविधा नहीं होने के कारण पायलट को विमान वापस मोड़ना पड़ा।
उल्लेखनीय है कि बेलोरा हवाई अड्डे से 12 अप्रैल को मुंबई-अमरावती उड़ानों की शुरुआत बड़े धूमधाम से की गई थी। लेकिन शुरू से ही यह सेवा बाधित होती रही है। 22 अगस्त को तकनीकी कारणों से सेवाएं बंद कर दी गई थीं और 1 सितंबर को पुनः शुरू की गईं। मात्र 15 दिनों में दोबारा यह समस्या सामने आई है। इस हादसे से यात्रियों को भारी असुविधा हुई। कुछ लोग मुंबई से अमरावती लौट रहे थे, तो कुछ को अमरावती से मुंबई जाना था।
कई यात्रियों को रात में अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए मुंबई पहुंचना आवश्यक था, जबकि कुछ मरीजों को इलाज के लिए तत्काल मुंबई जाना था। टिकट बुक होने के बावजूद उन्हें निराश लौटना पड़ा। यात्रियों ने राज्य और केंद्र सरकार से बेलोरा एयरपोर्ट पर जल्द से जल्द नाइट लैंडिंग की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है।
इस समय एक यात्री ने कहा, यह केवल एक तकनीकी विषय नहीं है, यह हमारी समय, पैसों और जीवन से जुड़ी गंभीर समस्या है। बेलोरा एयरपोर्ट से विमान सेवा की शुरुआत से पश्चिम विदर्भ के जिलों में विकास और संपर्क की उम्मीद जगी थी, लेकिन लगातार आ रही तकनीकी और बुनियादी समस्याओं ने इस उम्मीद पर पानी फेर दिया है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन और सरकार इस ओर कितनी तेजी से कदम उठाते हैं।