Amravati Collector Memorandum News: अमरावती में 14 फरवरी 'वैलेंटाइन डे' निमित्त स्कूल-कॉलेजों में होने वाले संभावित अनुचित कृत्य, छात्राओं से छेड़छाड़, शैक्षणिक वातावरण को बिगाड़ने वाली घटनाएं तथा युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति पर रोक लगाने के लिए भारतीय संस्कृति विषयक उपक्रम आयोजित करने की मांग का निवेदन हिंदू जनजागृति समिति द्वारा जिलाधिकारी, पुलिस प्रशासन तथा शिक्षा विभाग को सौंपा।
निवेदन में बताया कि विद्यार्थी राष्ट्र के आधार स्तंभ हैं, परंतु दुर्भाग्यवश वैलेंटाइन डे' जैसी पाश्चात्य प्रथा के कारण कुछ विद्यार्थी पढ़ाई से दूर होकर भोगवाद की ओर आकर्षित होते दिखाई देते हैं। इस दिन स्कूल-कॉलेजों के बाहर होने वाली भीड़, लड़कियों से छेड़छाड़, एक तरफा प्रेम से होने वाले हमले, तथा शैक्षणिक परिसर की पवित्रता भंग करने वाले कृत्य होने की संभावना रहती है।
कई बार विद्यार्थी तनाव में आकर अवसाद में चले जाते हैं या अनुचित कदम उठा लेते हैं। वैलेंटाइन डे के नाम पर आयोजित निजी पार्टियों में मद्य व नशीले पदार्थों का उपयोग कर युवा पीढ़ी को नशे की ओर धकेलने के प्रकार हो रहे हैं। कुछ समाजकंटक और धर्माध युवक झूठी पहचान बताकर हिंदू युवतियों को प्रेमजाल में फंसाते हैं, जिसका रूपांतरण आगे लव जिहाद में होकर उस युवती का जीवन बर्बाद हो जाता है। साथ ही युवाओं द्वारा दोपहिया पर जानलेवा स्टंट करना, साइलेंसर में बदलाव कर कर्कश आवाज करना आदि से दुर्घटनाओं की संख्या बढ़ती है।
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विद्यार्थियों को माता-पिता और शिक्षकों का सम्मान करना चाहिए तथा भारतीय मूल्यों का पालन करना चाहिए, इसके लिए 14 फरवरी को 'मातृ-पितृ पूजन दिवस' मनाना एक सकारात्मक विकल्प है, निवेदन सौंपते समय रंजना पांडे, संगीता राठी, पंकज बारबुदे, सुनीता कुकुटकर, वेदांती दातीर, निराली होले, वैदेही चरपे, मेघश्याम मावले, कंचन शर्मा, चेतन वैद्य, गिरीश जामोदे, इशिका बालापुरे, अर्चना मावले, पिंकी घटोरिया, सचिन वैद्य आदि उपस्थित थे।