अमरावती डफरीन अस्पताल (सोर्सः सोशल मीडिया)
अमरावती

डीजल नहीं है कहकर मरिज को निजी वाहन से नागपुर भेजा, अमरावती में अस्पताल प्रशासन का एक और अजब कारनामा

Dufferin Hospital Ambulance: अमरावती के डफरीन अस्पताल में दो एम्बुलेंस उपलब्ध होने के बावजूद एक मरीज को आगे के इलाज के लिए निजी वाहन से नागपुर ले जाना पड़ा।

आंचल लोखंडे

Amravati Dufferin Hospital: अमरावती जिले के डफरीन अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। अस्पताल परिसर में 2 एम्बुलेंस उपलब्ध होने के बावजूद एक मरीज को आगे के इलाज के लिए निजी वाहन से नागपुर ले जाना पड़ा। इस घटना के सामने आने के बाद अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर नागरिकों में नाराजगी है।

मरीज को आगे के उपचार के लिए नागपुर रेफर किए जाने की आवश्यकता थी। इस दौरान अस्पताल प्रशासन की ओर से 'डीजल उपलब्ध नहीं है' का कारण बताए जाने की जानकारी है। इसके चलते मरीज के परिजनों को निजी वाहन की व्यवस्था कर मरीज को नागपुर ले जाना पड़ा।

2 एम्बुलेंस खड़ी, फिर भी मरीज को सुविधा नहीं

खास बात यह है कि अस्पताल परिसर में 2 एम्बुलेंस खड़ी थीं। इसके बावजूद उनका मरीज को नागपुर ले जाने के लिए इस्तेमाल क्यों नहीं किया गया, यह सवाल अब उठ रहा है। एम्बुलेंस उपलब्ध होने के बावजूद केवल डीजल उपलब्ध नहीं होने के कारण मरीज को निजी वाहन से भेजना कितना उचित है, इसकी जांच किए जाने की जरूरत है।

अस्पताल में एम्बुलेंस उपलब्ध होने के बावजूद उनका इस्तेमाल क्यों नहीं किया गया? डीजल की व्यवस्था करने की जिम्मेदारी आखिर किसकी है? साथ ही इस पूरे मामले के कारण मरीज के उपचार में किसी तरह की देरी या खतरा पैदा हुआ क्या, इस पर भी प्रशासन को स्पष्टीकरण देना चाहिए।

फोन नंबर सार्वजनिक करने की मांग

इस घटना के बाद अस्पताल की एम्बुलेंस चालकों के आधिकारिक संपर्क नंबर और संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों के आधिकारिक फोन नंबर सार्वजनिक करने की मांग जोर पकड़ रही है। एम्बुलेंस उपलब्ध होने के बावजूद यदि मरीज को निजी वाहन से नागपुर जाना पड़े, तो इसकी जिम्मेदारी आखिर किसकी है, ऐसा सवाल भी नागरिकों द्वारा उठाया जा रहा है।

दोषियों पर कार्रवाई की मांग

पूरे मामले की वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा जांच कर अस्पताल की एम्बुलेंस व डीजल व्यवस्था, ड्राइवरों की नियुक्ति और आपातकालीन सेवाओं की कार्यप्रणाली की समीक्षा की जाए। दोषी पाए जाने वालों की जिम्मेदारी तय कर भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए उचित कदम उठाने की मांग मरीजों के परिजनों और नागरिकों द्वारा की जा रही है।

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