Amravati Adarsh Schools: स्कूली शिक्षा राज्यमंत्री डॉ. पंकज भोयर ने बताया कि जिले में आदर्श स्कूलों के विकास के लिए शासन स्तर से पर्याप्त फंड उपलब्ध कराया गया है। यदि स्कूलों की इमारतों का निर्माण अनुमानित लागत से कम बजट में पूरा हो गया है, तो बचे हुए फंड को सरेंडर करने के बजाय उसे स्कूलों में अन्य आधुनिक सुविधाएं विकसित करने के लिए उपयोग में लाया जाए। इसके लिए शिक्षा विभाग तुरंत शासन को प्रस्ताव भेजकर मंजूरी प्राप्त करें।
माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक परीक्षा बोर्ड के कार्यालय का राज्यमंत्री ने दौरा किया। इस दौरान उन्होंने अमरावती संभाग के पीएमश्री, सीएमश्री और आदर्श स्कूलों के कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को संभाग के जिन गिनेचुने आदर्श स्कूलों का निर्माण कार्य अभी भी अधूरा है, उन्हें युद्धस्तर पर पूरा किया जाए। निर्माण कार्य के टेंडर कम कीमत पर स्वीकृत होने के कारण जो राशि बची है, उससे स्कूलों में डिजिटल क्लासरूम, आधुनिक लाइब्रेरी अभ्यासिका और कंप्यूटर लैब जैसी सुविधाएं खड़ी की जाएं।
सरकारी स्कूलों में स्वच्छता एक बड़ा विषय है। आदर्श स्कूलों का निर्माण करते समय वहां बेहतरीन स्वच्छता व्यवस्था और आधुनिक शौचालयों का निर्माण करने के निर्देश दिए। आवश्यकता पड़ने पर इसके लिए जिला योजना समिति के फंड से अतिरिक्त बजट की मांग करने की सूचना दी।
बैठक में शिक्षा उपनिदेशक नीलिमा टाके, माध्यमिक शिक्षणाधिकारी प्रिया देशमुख, सहायक शिक्षा निदेशक अमोल पवार सहित शिक्षा विभाग के आला अधिकारी उपस्थित थे। डॉ. पंजाबराव देशमुख शैक्षणिक संकुल की जमीन का निरीक्षणबैठक के समापन के बाद राज्यमंत्री डॉ. भोयर ने मालटेकडी रोड पर प्रस्तावित डॉ. पंजाबराव देशमुख शैक्षणिक संकुल की भूमि का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया। इस अवसर पर उनके साथ विधायक संजय खोडके, विधायक सुलभा खोडके और महापौर श्रीचंद तेजवानी प्रमुख रूप से उपस्थित थे।
जमीन का मुआयना करने के बाद डॉ. भोयर ने इस शैक्षणिक संकुल की इमारत अत्यंत भव्य और दिव्य होनी चाहिए। इस परिसर में एक सर्वसुविधायुक्त कॉन्फ्रेंस रूम और छात्रों के लिए विशाल स्टडी रूम का निर्माण करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को मौजूदा स्थिति में वहां प्रस्तावित सरकारी कर्मचारियों के निवास स्थान के निर्माण पर पुनर्विचार करने की भी सलाह दी।
राज्यमंत्री ने कहा कि इस भव्य शैक्षणिक संकुल की घोषणा राज्य के बजट में पहले ही की जा चुकी है, इसलिए इससे संबंधित सभी प्रशासनिक और तकनीकी प्रक्रियाओं को तुरंत पूरा किया जाए। यदि प्रक्रियाएं समय पर पूरी हो जाती हैं, तो आगामी दिसंबर महीने में होने वाले विधानमंडल के शीतकालीन सत्र में इसके लिए आवश्यक अतिरिक्त फंड का प्रावधान कराने का प्रयास किया जाएगा।