अचलपुर खरपी स्कूल विरोध  (सोर्सः सोशल मीडिया)
अमरावती

हमारी स्कुल शिफ्ट नहीं होने देंगे, बेटियों की पढ़ाई छूटने के डर से सड़क पर उतरे खरपी के अभिभावक और छात्र

Urdu High School Shifting Amravati: अमरावती के ग्राम खरपी स्थित डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम उर्दू हाईस्कूल को अचलपुर स्थानांतरित करने के फैसले के खिलाफ ग्रामीणों और छात्राओं ने आंदोलन शुरू कर दिया है।

आंचल लोखंडे

Achalpur Kharpi School Protest: अमरावती जिले के अचलपुर तहसील के ग्राम खरपी में डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम उर्दू हाईस्कूल को अचलपुर स्थानांतरित करने के प्रशासनिक निर्णय को लेकर विवाद गहरा गया है। स्कूल स्थानांतरण के विरोध में छात्रों और अभिभावकों ने आंदोलन शुरू कर दिया है।

ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल गांव से बाहर जाने पर विशेषकर छात्राओं की शिक्षा प्रभावित होगी। आंदोलन को स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों का भी समर्थन मिल रहा है। वर्ष 2008 से खरपी में संचालित डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम उर्दू हाईस्कूल को अचलपुर स्थानांतरित करने के निर्णय के खिलाफ ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।

शिफ्टिंग की कार्रवाई रोकने की मांग

सोमवार को ग्रामीणों, छात्रों और अभिभावकों ने स्कूल स्थानांतरण का विरोध करते हुए प्रदर्शन किया और शिफ्टिंग की कार्रवाई रोकने की मांग को लेकर गांव में धरना शुरू कर दिया। अभिभावकों का कहना है कि स्कूल अचलपुर स्थानांतरित होने पर विद्यार्थियों को प्रतिदिन 15 से 20 किलोमीटर अतिरिक्त सफर करना पड़ेगा। इससे समय के साथ परिवहन का खर्च भी बढ़ेगा। दैनिक मजदूरी, ऑटो चलाने, खेती तथा ईंट-भट्ठों पर काम करने वाले आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बच्चों को रोजाना इतनी दूर स्कूल भेजना और वापस लाना बेहद मुश्किल होगा।

बेटियों की पढ़ाई छूटने का डर

अभिभावकों और छात्राओं ने आशंका जताई कि स्कूल की दूरी बढ़ने से कई बेटियों की पढ़ाई प्रभावित हो सकती है। सुरक्षा संबंधी चिंताओं के साथ ही परिवहन का अतिरिक्त खर्च भी गरीब परिवारों के लिए बड़ी समस्या बनेगा। छात्राओं का कहना है कि यदि स्कूल गांव से दूर चला गया तो कई परिवार उन्हें रोजाना इतनी दूर पढ़ने के लिए भेजने से इनकार कर सकते हैं। ऐसी स्थिति में उनकी पढ़ाई बीच में छूटने का खतरा है।

प्रशासन पर लापरवाही का आरोप

स्थानीय नागरिकों ने स्कूल स्थानांतरण के निर्णय को लेकर प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि संबंधित स्कूल प्रबंधन द्वारा प्रशासन को सही जानकारी नहीं दिए जाने के कारण स्थानांतरण का आदेश जारी किया गया। अभिभावकों ने यह भी सवाल उठाया कि यदि स्कूल में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं थीं तो उसे अनुदान किस आधार पर प्रदान किया गया।

अभिभावकों ने प्रशासन से मांग की है कि स्कूल स्थानांतरण का आदेश तत्काल रद्द किया जाए और खरपी में ही विद्यार्थियों की शिक्षा सुचारू रूप से जारी रखी जाए। उनका कहना है कि बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के बजाय स्कूल को गांव से दूर स्थानांतरित करने का निर्णय विद्यार्थियों के भविष्य के साथ अन्याय है।

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