Go Green (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया) 
अमरावती

महावितरण की गोग्रीन योजना सफल, अकोला के 61,000 से ज्यादा उपभोक्ता हुए डिजिटल

Akola Mahavitaran: अकोला में महावितरण की गोग्रीन योजना को अच्छा समर्थन मिल रहा है। 61 हजार से अधिक उपभोक्ताओं ने पेपरलेस बिजली बिल अपनाया है। 120 रुपये की छूट और डिजिटल बिलिंग की सुविधा मिल रही है।

महाराष्ट्र डेस्क

Akola Go Green Scheme: बिजली उपभोक्ताओं को कागजी बिल उपलब्ध कराने में हर वर्ष होने वाले करोड़ों रुपये के खर्च और समय पर बिल नहीं मिलने की शिकायतों को देखते हुए महावितरण ने अकोला जिले में गोग्रीन योजना को गति दी है।

इस योजना के तहत उपभोक्ताओं को पेपरलेस यानी डिजिटल बिजली बिल उपलब्ध कराए जा रहे हैं। योजना को जिले में अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। वर्तमान में जिले के लगभग साढ़े पांच लाख बिजली उपभोक्ताओं में से 61 हजार 59 उपभोक्ताओं ने गोग्रीन विकल्प अपनाया है, जिससे महावितरण के लाखों रुपये की बचत हो रही है।

हर साल ₹120 की बचत

महावितरण की इस पहल के तहत कागजी बिलों की जगह पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस तथा ईमेल के माध्यम से बिजली बिल भेजे जा रहे हैं। उपभोक्ता एसएमएस में प्राप्त लिंक के जरिए घर बैठे ही बिल का भुगतान भी कर सकते हैं। इससे बिल समय पर मिलने लगा है और भुगतान प्रक्रिया भी पहले की तुलना में अधिक आसान हो गई है।

अकोला में योजना को मिला अच्छा प्रतिसाद

पहले प्रत्येक माह लाखों उपभोक्ताओं तक छपे हुए बिल पहुंचाने में महावितरण को भारी खर्च उठाना पड़ता था। कई बार उपभोक्ताओं को समय पर बिल नहीं मिलने से भुगतान में देरी होती थी, जिससे विभाग को राजस्व वसूली में भी परेशानी आती थी। डिजिटल बिलिंग व्यवस्था लागू होने के बाद ऐसी शिकायतों में कमी आई है और विभाग की कार्यप्रणाली अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनी है।

हर साल मिल रहा 120 रु. का लाभ

गोग्रीन योजना अपनाने वाले उपभोक्ताओं को प्रत्येक बिजली बिल पर 10 रु. की छूट दी जाती है। इस प्रकार वर्षभर के 12 बिलों पर कुल 120 रु. का लाभ मिलता है। महावितरण ने इस वर्ष अप्रैल के बिल से ही यह लाभ उपभोक्ताओं को देना शुरू कर दिया है। योजना से न केवल उपभोक्ताओं को आर्थिक फायदा हो रहा है, बल्कि कागज की बचत के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिल रहा है।

उपभोक्ता गोग्रीन विकल्प चुने

अकोला महावितरण के मुख्य अभियंता दत्तात्रय बनसोडे ने कहा कि गोग्रीन योजना से उपभोक्ताओं को हर वर्ष 120 रु. की बचत होती है। साथ ही डिजिटल बिलिंग व्यवस्था से समय पर बिल उपलब्ध होने, भुगतान में सुविधा और कागज की बचत जैसे अनेक लाभ मिल रहे हैं। उन्होंने अधिक से अधिक उपभोक्ताओं से गोग्रीन विकल्प अपनाकर पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने की अपील की।

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