Akola Go Green Scheme: बिजली उपभोक्ताओं को कागजी बिल उपलब्ध कराने में हर वर्ष होने वाले करोड़ों रुपये के खर्च और समय पर बिल नहीं मिलने की शिकायतों को देखते हुए महावितरण ने अकोला जिले में गोग्रीन योजना को गति दी है।
इस योजना के तहत उपभोक्ताओं को पेपरलेस यानी डिजिटल बिजली बिल उपलब्ध कराए जा रहे हैं। योजना को जिले में अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। वर्तमान में जिले के लगभग साढ़े पांच लाख बिजली उपभोक्ताओं में से 61 हजार 59 उपभोक्ताओं ने गोग्रीन विकल्प अपनाया है, जिससे महावितरण के लाखों रुपये की बचत हो रही है।
महावितरण की इस पहल के तहत कागजी बिलों की जगह पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस तथा ईमेल के माध्यम से बिजली बिल भेजे जा रहे हैं। उपभोक्ता एसएमएस में प्राप्त लिंक के जरिए घर बैठे ही बिल का भुगतान भी कर सकते हैं। इससे बिल समय पर मिलने लगा है और भुगतान प्रक्रिया भी पहले की तुलना में अधिक आसान हो गई है।
पहले प्रत्येक माह लाखों उपभोक्ताओं तक छपे हुए बिल पहुंचाने में महावितरण को भारी खर्च उठाना पड़ता था। कई बार उपभोक्ताओं को समय पर बिल नहीं मिलने से भुगतान में देरी होती थी, जिससे विभाग को राजस्व वसूली में भी परेशानी आती थी। डिजिटल बिलिंग व्यवस्था लागू होने के बाद ऐसी शिकायतों में कमी आई है और विभाग की कार्यप्रणाली अधिक पारदर्शी एवं प्रभावी बनी है।
गोग्रीन योजना अपनाने वाले उपभोक्ताओं को प्रत्येक बिजली बिल पर 10 रु. की छूट दी जाती है। इस प्रकार वर्षभर के 12 बिलों पर कुल 120 रु. का लाभ मिलता है। महावितरण ने इस वर्ष अप्रैल के बिल से ही यह लाभ उपभोक्ताओं को देना शुरू कर दिया है। योजना से न केवल उपभोक्ताओं को आर्थिक फायदा हो रहा है, बल्कि कागज की बचत के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिल रहा है।
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अकोला महावितरण के मुख्य अभियंता दत्तात्रय बनसोडे ने कहा कि गोग्रीन योजना से उपभोक्ताओं को हर वर्ष 120 रु. की बचत होती है। साथ ही डिजिटल बिलिंग व्यवस्था से समय पर बिल उपलब्ध होने, भुगतान में सुविधा और कागज की बचत जैसे अनेक लाभ मिल रहे हैं। उन्होंने अधिक से अधिक उपभोक्ताओं से गोग्रीन विकल्प अपनाकर पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने की अपील की।