उत्तराखंड के चमोली जिले में टीएचडीसी की विष्णुगाड-पीपलकोटी जलविद्युत परियोजना की टनल में भू-धंसाव होने से बड़ा हादसा हो गया। हादसे में 3 मजदूरों की मौत की सूचना है, जबकि टनल में फंसे लोगों में से अब तक 16 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। बाकी लोगों को निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है।
घटना की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, आईटीबीपी, सेना और अन्य संबंधित एजेंसियों की टीमें मौके पर पहुंच गईं। टनल में फंसे मजदूरों तक पहुंचने और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए युद्धस्तर पर अभियान चलाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि टनल में काम करने वाले ज्यादातर मजदूर झारखंड और छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हादसे पर गहरी चिंता जताते हुए राहत और बचाव कार्यों को युद्धस्तर पर चलाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि घटना की गंभीरता को देखते हुए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों को तत्काल मौके पर भेजा गया है।
मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन और सभी संबंधित विभागों एवं एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ तेजी से राहत एवं बचाव अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने ईश्वर से टनल में फंसे सभी लोगों के सकुशल होने की प्रार्थना करते हुए कहा कि राज्य सरकार पूरी संवेदनशीलता और तत्परता के साथ स्थिति पर नजर बनाए हुए है। जरूरत के मुताबिक हर संभव कदम उठाया जा रहा है।
जिलाधिकारी ने घटनास्थल पर मौजूद अधिकारियों और बचाव दलों से स्थिति की जानकारी ली है। प्रशासन की ओर से रेस्क्यू टीमों के लिए जरूरी संसाधन और अन्य व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
फिलहाल बचाव दलों की प्राथमिकता टनल में फंसे बाकी मजदूरों तक सुरक्षित पहुंचना और उन्हें जल्द से जल्द बाहर निकालना है। हादसे में भू-धंसाव के कारणों और नुकसान का विस्तृत आकलन भी किया जा रहा है।