Chandur Bazar: तहसील में 15 से 20 अगस्त तक हुई लगातार बारिश और तेज हवाओं ने किसानों और आम नागरिकों को भारी नुकसान पहुंचाया। करीब 4000 हेक्टेयर फसलें बर्बाद होने का अनुमान लगाया गया है। 255 घर आंशिक व 5 घर पूरी तरह ढह गए। जबकि 36 दुकानों और 5 गोठों को नुकसान पहुंचा। कई गांवों का संपर्क टूट गया और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। वहीं किसानों के सपनों पर भी पानी फेर दिया। किसानों और नागरिकों को मुआवजे की प्रतीक्षा है।
बर्बाद हुई फसलों में तुअर, कपास, सोयाबीन, संतरा, केला, ज्वार समेत भाजीपाले की फसलें बर्बाद होने की बात किसान कर रहे हैं। पांच दिनों की बारिश से हुए नुकसान में ग्राम माधान, शिरजगांव-कसबा, कोदोरी, बोरज, रसीकपुर, जालनापुर, ब्राह्मणवाड़ा थडी, देऊरवाड़ा, काजली, शिरजगांव बंड, वडुरा, सरफापुर, कल्होडी आदि गांवों का समावेश है। चांदूर बाजार तहसील में आई तेज बारिश से आम आदमी का जनजीवन अस्त-व्यस्त हुआ। वहीं किसानों की फसलों का भी भारी नुकसान हुआ। दूसरी तरफ तेज बारिश के चलते शिरजगांव कसबा, माधान, जसापुर समेत कई जगहों पर पुलिया के ऊपर से पानी बहने के कारण कई गांवों का संपर्क भी टूट चुका था।
प्राप्त जानकारी अनुसार पांच दिनों की बारिश से तहसील के 255 घरों का आंशिक नुकसान, वहीं 5 घरों का पूर्णतः नुकसान होने की जानकारी प्राप्त है। 5 गोठों समेत 36 दुकानों का नुकसान होने की जानकारी है। ऐसे में किसानों का सार्वजनिक गणेशोत्सव सहित विविध त्योहार आने वाले दिनों में है। तहसील के किसानों समेत आम नागरिकों के हुए नुकसान का इन त्योहारों पर भी असर पड़ता दिखाई दे रहा है।
चांदूर बाजार तहसील के किसानों समेत आम आदमी का आई तेज बारिश से हुए नुकसान को भले ही अभी आम नागरिक तथा किसानों ने खुद को संभाल लिया हो, लेकिन इनके हुए नुकसान पश्चात हुए पंचनामे के बाद अब इन सभी को इंतजार है नुकसान मुआवजे का। अब इन्हें जितना जल्द हो सके उतना जल्द नुकसान मुआवजा मिलने की मांग तहसील के विभिन्न राजकीय व सामाजिक संगठन कर रहे हैं।
एक ओर तेज हवा बारिश से आम नागरिकों का जनजीवन अस्त-व्यस्त व रास्ते खराब, खेतों में पानी। ऐसे में मुसीबत में फंसे किसान, आम नागरिक तथा व्यापारियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रहे तहसील कार्यालय के कर्मचारियों का कार्य सराहनीय रहा। सभी परिस्थितियों पर नजर बनाए रखे तहसील के पटवारियों के कार्य की चर्चा आम नागरिक कर रहे हैं।