Vidarbha Crop Damage: विदर्भ में जून और जुलाई महीने में अत्यल्प वर्षा होने से बुआई में देरी हुई, बाद में अगस्त और सितंबर महीने में बारिश अनियमित और खंडित होने से सोयाबीन, कपास, तुअर, मूंग, उड़द, मक्का सहित सभी खरीफ फसलें गंभीर संकट में फंस गई हैं।
पिछले करीब एक माह से अधिक समय से यहां बारिश पूरी तरह रुकी हुई है। किसान परेशान है यह देखते हुए तुरंत प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना सहित विशेष आर्थिक पैकेज घोषित करना चाहिए, ऐसी मांग विधायक रणधीर सावरकर ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से प्रत्यक्ष रुप से मिलकर की है।
विधायक सावरकर ने कहा कि, जमीन की नमी खत्म होने से कई जगह फसलों ने दम तोड़ दिया है और उत्पादन में बड़ी गिरावट आएगी। कुएं, बोरवेल सूखने से पीने के पानी और पशुओं के चारे का गंभीर संकट पैदा हो गया है। इससे पहले 31 जुलाई को फसल बीमा आवेदन की समय सीमा बढ़ाने की मांग की थी, उस पर मुख्यमंत्री ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी, इसके लिए उन्होंने आभार माना है। लेकिन मौजूदा स्थिति बेहद गंभीर होने से केवल समय सीमा बढ़ाना पर्याप्त नहीं है, ऐसा उन्होंने कहा।
नुकसानग्रस्त फसलों का तत्काल पंचनामा किया जाए। फसल बीमा योजना के तहत तुरंत मुआवजा दिया जाए। बीमा के दायरे से बाहर के किसानों के लिए विशेष आर्थिक पैकेज घोषित किया जाए। सोयाबीन सहित सभी फसलों को प्रति हेक्टेयर विशेष मदद दी जाए। फसल कर्ज वसूली पर रोक लगाकर कर्ज का पुनर्गठन किया जाए। अगले सीजन के लिए बीज,खाद और कृषि निविष्ठाओं के लिए मदद दी जाए, पशुओं के लिए चारा डिपो और पानी की व्यवस्था की जाए।
पीने के पानी के लिए टैंकर शुरू किए जाएं और सूखे जैसी स्थिति घोषित की जाए आदि मांगे रखी गई हैं। विदर्भ का किसान बेहद कठिन परिस्थिति में है।सरकार को संवेदनशील भूमिका निभाते हुए किसानों के साथ मजबूती से खड़ा होना चाहिए, ऐसी मांग विधायक सावरकर ने की है। राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को विशेष रूप से पश्चिम विदर्भ के किसानों का दर्द और पूर्व विदर्भ के किसानों की अलग-अलग भूमिका तथा वर्धा से लेकर 6 जिले आत्महत्याग्रस्त किसान वाली बनी हुई छवि को दूर करने के सरकार के प्रयास को फिर से सकारात्मक भूमिका लेकर मुख्यमंत्री न्याय देंगे।