विश्व तंबाकू निषेध दिवस, तंबाकू के दुष्प्रभाव,(सोर्स: सोशल मीडिया)  
अकोला

तंबाकू से दोस्ती नहीं, जिंदगी से कीजिए: हर साल 80 लाख मौतों की वजह तंबाकू, डॉक्टर ने किया सतर्क

Akola World No Tobacco Day: विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर कैंसर विशेषज्ञ डॉ. अमित बगड़िया ने तंबाकू से दूर रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि तंबाकू की लत कैंसर समेत कई गंभीर बीमारियों का कारण बनती है।

अंकिता पटेल

Akola Tobacco Hazards Public Health: अकोला विश्व तंबाकू निषेध दिवस के उपलक्ष्य में शहर के प्रसिद्ध कैन्सर विशेषज्ञ तथा कैन्सर सर्जन डा। अमित बगड़िया से बातचीत करने पर उन्होंने कहा कि, तंबाकू से दूरी बनाएं और अपने जीवन से दोस्ती करें। उन्होंने कहा कि तंबाकू निषेध दिवस यह केवल एक औपचारिक दिवस नहीं है। बल्की लोगों को तंबाकू से दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए एक प्रकार का अभियान है और जनजागृति है। उन्होंने कहा कि तंबाकू यह एक ऐसी आदत है जो धीरे धीरे शरीर का काफी नुकसान करती है। यह धीरे धीरे आपको मौत की ओर ले जाती है।

उन्होंने कहा कि, विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार हर वर्ष पूरे संसार में करीब 80 लाख से अधिक लोग तंबाकू से होने वाली बीमारी के कारण अपने प्राण गवाते हैं। इसमें सर्वाधिक मौतें कैन्सर के कारण होती हैं। सिगरेट पीने से या तंबाकू खाने से कई विषैले रसायन शरीर के अंदर जाते हैं। इसमें से कुछ रसायन शरीर की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाते हैं और इसके कारण कैन्सर इस बीमारी का खतरा बढ़ जाता है।

सिगरेट, बीडी, गुटका, मावा, पान मसाला, हुक्का यह सभी कैन्सर का निर्माण करने वाले घटक हैं। व्यक्ति को एक बार किसी भी प्रकार का नशा लग जाए तो वह शौक कम होन के बजाय बढ़ता ही जाता है। वह इतना बढ़ जाता है कि जिससे परिवार तो परेशान होता ही है, मगर वह व्यक्ति भी स्वास्थ्य की दृष्टि से ठीक नहीं रहता। इस हर इन्सान ने समय रहते अपने शौक पर काबू कर लेना चाहिए, अन्यथा परिणाम बुरा ही रहेगा।

तंबाकू और सिगरेट से कई तरह के कैन्सर

तंबाकू का सेवन करने वालों और सिगरेट पीने वालों को मुंह और गले का कैन्सर, फेफड़े का कैन्सर, पाचन संस्था का, मुत्राशय का का व गर्भाशय का कैन्सर, दिल व अन्न नलिका का कैन्सर, स्तन का कैन्सर आदि हो सकता है। उन्होंने बताया कि, 70 प्रश पुरुष तथा 30 प्रश महिलाएं तंबाकू का सेवन करती हैं।

यदि मुंह में कोई घाव होता है, मुंह खोलने में तकलीफ होती है, मुंह में सफेद, काले चट्टे आते हैं, स्तन या शरीर में कोई गांठ होती है, निगलने में कठिनाई होती है, लगातार अपचन, असामान्य रक्त का बहना, महिलाओं में अनियमित मासिक धर्म या रजोनिवृत्ति के बाद रक्तस्त्राव, जीर्ण खांसी या आवाज का बदलना, मलमूत्र की विसर्जन की सामान्य प्रक्रिया में परिवर्तन, शरीर में मस्सा या तिल का अचानक बढ़ना आदि लक्षण हों तो तुरंत अपने डाक्टर से संपर्क करें क्यों कि शीघ्र जांच होने पर कैन्सर का उपचार संभव है।

बिना डरे उपचार करवाएं

  • उन्होंने कहा कि कई बार कुछ लोग कैन्सर का नाम सुनकर ही घबरा जाते हैं और कैन्सर का उपचार टालते हैं।
  • इस कारण बीमारी और बढ़ जाती है। इसलिए ध्यान रखें यदि तुरंत पता लग जाता है कि, कैन्सर है तो शीघ्र उपचार शुरू करने से कैन्सर पूरी तरह से ठीक हो सकता है।
  • इसलिए कैन्सर का नाम सुनकर डरें या घबराएं नहीं उसका उपचार करवाएं। और तुरंत अपने डाक्टर की सलाह पर अमल करें।

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