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नाना पटोले ने कहा कि महाराष्ट्र के कई जिलों में सूखे जैसी स्थिति है, लेकिन सरकार ने अब तक अपनी नीति स्पष्ट नहीं की है।
उन्होंने कृषि पंपों के लिए समुचित बिजली आपूर्ति और जलसंकट से निपटने के लिए ठोस उपायों की मांग की।
पटोले ने नासिक कुंभ मेले के लिए 35 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जाने को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाए।
Maharashtra Drought Crisis: अकोला जिले के साथ साथ महाराष्ट्र के अनेक जिलों में सूखे का संकट है, अकाल की स्थिति है लेकिन इस बारे में अभी तक हमारी सरकार ने अपनी कोई नीति स्पष्ट नहीं की है। सन 1972 में सूखे और अकाल की स्थिति आई थी।
लेकिन उस समय मुख्य समस्या अनाज की थी। अब तो पानी का भी संकट है। सरकार ने तुरंत अपनी नीति और भूमिका स्पष्ट करनी चाहिए। यह मांग पत्र परिषद में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष नाना पटोले ने की। उन्होंने कहा कि, यह राज्य और केंद्र की सरकारें वोट चोरी से आई हैं।
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कृपा से यह सरकारें बनी हैं। इसीलिए तो भाजपा सरकार उन्हें नहीं हटा रही है। वोट चोरी और सूखे से लोगों का ध्यान हटाने के लिए भाजपा सरकार मनोज जरांगे पाटिल का क्लीप वायरल कर रही है।
सरकार किसानों को कृषि पम्पों के लिए समुचित बिजली देगी। यह भूमिका भी सरकार ने स्पष्ट करनी चाहिए। वर्तमान समय में इमारतों के निर्माण कार्य पानी की कमी के कारण बंद कर दिए गए हैं। इस कारण इस क्षेत्र में काम करने वाले गरीब कामगार बेरोजगार हो गए है।
ऐसी परिस्थिति में सरकार नासिक में आयोजित कुंभ मेले के लिए 35 हजार करोड़ रुपये खर्च कर रही है। सरकार को आम जनता तथा किसानों से कोई लेना देना नहीं है। गडचिरोली का जंगल किसके अनुमति से अदानी को दिया गया है, इस सवाल का भी उत्तर चाहिए। अनेक वर्षों से मनपा में भाजपा की सत्ता है लेकिन अभी तक शहरवासियों की पानी समस्या स्थायी रूप से हल नहीं हो सकी है।
उन्होंने कहा कि, वोट चोरी के खिलाफ 1 नवंबर को हमारे नेता राहुल गांधी के मार्गदर्शन में दिल्ली में आयोजन किया गया है। यहां वोट चोरी के खिलाफ कांग्रेस जमकर प्रदर्शन करेगी। इस प्रदर्शन में कांग्रेस के तमाम नेता उपस्थित रहेंगे।
इस अवसर पर विधायक साजिद खान पठान इसी तरह कांग्रेसी नेता प्रकाश तायड़े, अशोक अमानकर, बबन चौधरी, महेंद्र गवई, एड. महेश गणगणे, तश्वर पटेल, कपिल ढोके, दिलीप खत्री आदि प्रमुखता से उपस्थित थे।