Akola Agriculture Department: राज्य मंत्रिमंडल की मंगलवार 22 सितंबर को हुई बैठक में कृषि विभाग के प्रस्तावित संशोधित प्रशासनिक ढांचे (आकृति बंध) को रद्द करने का निर्णय लिया गया। इस निर्णय का अकोला के विधायक रणधीर सावरकर ने स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री, कृषि मंत्री और राज्य सरकार का आभार व्यक्त किया।
सरकार ने कृषि विभाग के वर्तमान ढांचे की व्यापक समीक्षा कर भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप नया ढांचा तैयार करने का फैसला किया है। कृषि विभाग का वर्तमान प्रशासनिक ढांचा लगभग 17 वर्ष पहले तैयार किया गया था।
इसके बाद कृषि क्षेत्र में नीतियों, आधुनिक खेती की पद्धतियों, विभिन्न सरकारी योजनाओं, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के उपयोग तथा आधुनिक कृषि तकनीकों में व्यापक बदलाव हुए हैं। इन्हीं परिवर्तनों को ध्यान में रखते हुए विभागीय संरचना को अद्यतन करने की आवश्यकता महसूस की जा रही थी।
प्रस्तावित संशोधित ढांचे को लेकर कृषि अधिकारी और कर्मचारी संगठनों ने भी आपत्तियां दर्ज कराई थीं। विभिन्न संगठनों ने किसान केंद्रित क्षेत्रीय व्यवस्था को अधिक सशक्त बनाने के लिए नए सिरे से विचार करने की मांग की थी।
विधायक रणधीर सावरकर ने बताया कि उन्होंने कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे से इस विषय पर चर्चा कर प्रस्तावित ढांचे पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया था। उनके अनुसार, 20 अगस्त 2026 को मंत्रालय में हुई बैठक में उन्होंने कृषि विभाग की भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर नया ढांचा तैयार करने का सुझाव दिया था। मंत्रिमंडल के निर्णय के बाद सावरकर ने कहा कि यह फैसला किसानों और कृषि विभाग, दोनों के हित में है। हालांकि नए ढांचे का स्वरूप अभी सामने आना बाकी है।
वर्ष 2009 में स्वीकृत वर्तमान ढांचा फिलहाल यथावत रहेगा। नए प्रस्ताव के लिए कृषि विभाग के कार्यभार और उपलब्ध मानव संसाधन की व्यापक समीक्षा की जाएगी। इसमें रिक्त पदों, विभिन्न संवर्गों की आवश्यकता, क्षेत्रीय व्यवस्था की जरूरत, किसान-केंद्रित योजनाओं के बढ़ते कार्यभार तथा भविष्य की प्रशासनिक आवश्यकताओं पर विचार किया जाएगा। इन सभी पहलुओं के आधार पर महाराष्ट्र के कृषि क्षेत्र की जरूरतों के अनुरूप नया प्रशासनिक ढांचा तैयार कर सरकार को पुनः प्रस्ताव भेजा जाएगा।