Jigaon Project Fire: अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर कृषि केंद्र संचालकों और विक्रेता संघों द्वारा पुकारे गए 'बंद' को सोमवार को शहर में व्यापक समर्थन मिला। जिले भर में जारी इस अनिश्चितकालीन आंदोलन का खामगांव में खासा असर देखा गया। सुबह से ही शहर के अधिकांश कृषि सेवा केंद्र बंद रहे, जिससे खाद, बीज और कीटनाशक खरीदने आए किसानों को बैरंग लौटना पड़ा। संगठन की मुख्य मांग रासायनिक खाद पर डीलर मार्जिन बढ़ाने और बिना लिंकिंग के खाद की सुलभ आपूर्ति सुनिश्चित करने की है।
विक्रेताओं ने नए 'सीड एक्ट' और 'कीटनाशक अधिनियम' के कड़े प्रावधानों को रद्द करने या उनमें सुधार की मांग की है। संगठनों ने अवैध एचटीबीटी बीजों की बिक्री पर सख्त कार्रवाई और 'साथी' ऐप के जरिए अनिवार्य बिक्री को व्यावहारिक न होने के कारण रद्द करने का प्रस्ताव रखा है। कोई हताहत नहीं: गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। पुलिस प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर सुरक्षा - व्यवस्था संभाली। आग लगने के सटीक - कारणों का पता लगाया जा रहा है।
अस्पताल लाने से स्थानीय जय मातादी नगर (वाडी) निवासी एक 11 वर्षीय पहले तोड़ा दम इस घटना से परिसर में शोक की लहर है। मृतक की बालक को मृत अवस्था में सामान्य अस्पताल लाया गया। पहचान युवराज शंकर बावतुलकर के रूप में हुई है। उसे 26 अप्रैल की सुबह तड़के अस्पताल लाया गया था, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल के चिकित्सा अधिकारियों की सूचना पर खामगांव शहर पुलिस ने मर्ग दाखिल किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है ताकि मृत्यु के सही कारणों का पता चल सके।
पीवीसी पाइप गोदाम में रविवार देर रात भीषण आग लग गई। आग इतनी भयावह थी कि आसमान में धुएं के गुबार कई किलोमीटर दूर से देखे जा सकते थे। तहसील के मटरगांव-जलंब रोड पर स्थित जिगांव परियोजना (प्रकल्प) के मिलते ही खामगांव, बुलढाणा, शेगांव, मलकापुर और जलगांव से दमकल की गाड़यां मौके पर पहुंची। घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। गोदाम में रखे पीवीसी पाइप ज्वलनशील होने के कारण आग तेजी से फैली, जिससे बड़े पैमाने पर संपत्ति का नुकसान हुआ है।