बच्चू कडू के आंदोलन की सरकार ने ली सुद। (सौजन्यः सोशल मीडिया) 
अकोला

Akola News: बच्चू कडू के आंदोलन की सरकार ने ली सुद, चर्चा को तैयार अजित पवार, कर्जमाफी पर होगी चर्चा

government has taken notice of Bacchu Kadus agitation Ajit Pawar is ready for discussion

आंचल लोखंडे

अकोला: राज्य सरकार किसानों को कर्जमाफी देने को लेकर गंभीर है और उचित समय पर इस पर निर्णय लिया जाएगा। अन्नत्याग आंदोलन कर रहे प्रहार जनशक्ती पार्टी के अध्यक्ष बच्चू कडू से चर्चा करने की सरकार की ओर से पूरी तैयारी है। यह बात उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने अकोला में स्पष्ट की। अजित पवार 12 जून को अकोला दौरे पर थे। इस दौरान मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर चल रहे आंदोलन पर सरकार कड़ी नजर रख रही है।

सरकार की मंशा किसी भी विवाद को संवाद के माध्यम से सुलझाने की है। उन्होंने कहा कि चाहे किसान हों या कोई अन्य मुद्दा, मुद्दे को हल करने का एकमात्र तरीका बातचीत है और सरकार पूरी तरह से सकारात्मक है।

‘किसानों की लूट’ करने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई

उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट चेतावनी दी कि किसानों की आर्थिक लूट करनेवाली कंपनियों और दुकानदारों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जो व्यापारी या कंपनियां खते आणि बीजों की अवैध कारोबार कर रही है, उन्हें सरकार बख्शेगी नहीं। ऐसे दुकानदारों के लायसेंस रद्द किए जाएंगे और कंपनियों पर भी योग्य ती कारवाई की जाएगी। उन्होंने दोहराया, “सरकार शेतकऱ्यांच्या पाठीशी आहे“। कर्जमाफी देने के लिए सरकार कटिबद्ध है, लेकिन योग्य वेळ की प्रतीक्षा ज़रूरी है।” इसके साथ ही उन्होंने बताया कि सरकार लाडक्या बहिणींनाही दरमहा मदत देने को भी तत्पर है। विधानसभा चुनाव में भाजपा ने की ‘मैच फिक्सिंग’, राहुल गांधी के बाद अब बालासाहेब थोरात ने लगाया आरोप

नेताओं की आपसी भेट महाराष्ट्र की परंपरा

हाल ही में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे की मुलाकात पर प्रतिक्रिया देते हुए अजित पवार ने कहा कि राज्य की राजनीति हमेशा संवाद पर आधारित रही है। उन्होंने कहा, "जब हम विपक्ष में भी थे, तब भी काम के लिए सत्ताधारी नेताओं से मिलते थे।

मुख्यमंत्री और विभिन्न दलों के नेताओं के बीच चर्चा महाराष्ट्र की संस्कृति का हिस्सा है।" उन्होंने आगे कहा कि मालेगांव शुगर फैक्ट्री चुनाव जैसी सहकारी संस्थाओं की राजनीति पार्टी के चुनाव चिह्न पर नहीं, बल्कि विचारों और स्थानीय समीकरणों पर आधारित होती है। अकोला और खामगांव दौरे के दौरान अजित पवार ने प्रशासन और पार्टी संगठनात्मक कामकाज की भी समीक्षा की।

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