ई-भूमिती प्रणाली से भूमि प्रबंधन में पारदर्शिता और गति (सौजन्यः सोशल मीडिया) 
अकोला

ई-भूमिती प्रणाली से भूमि प्रबंधन में पारदर्शिता और गति आएगी: जिलाधिकारी वर्षा मीणा

E-Bhumiti System: ई-भूमिती प्रणाली के माध्यम से जिले की 12 हजार हेक्टेयर शासकीय भूमि की जानकारी सफलतापूर्वक अपलोड की गई है। यह उपक्रम शासकीय भूमि के डिजिटल पंजीकरण और निगरानी की दिशा में बड़ा कदम है।

आंचल लोखंडे
Akola News: अकोला जिले में शासकीय भूमि और संपत्तियों के डिजिटलीकरण तथा प्रभावी प्रबंधन के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा ‘ई-भूमिती’ नामक अत्याधुनिक जीआईएस आधारित डिजिटल गवर्नमेंट लैंड एसेट मैपिंग एंड मॉनिटरिंग सिस्टम को सफलतापूर्वक लागू किया गया है। इस प्रणाली के माध्यम से अब तक जिले की 12 हजार हेक्टेयर शासकीय भूमि का डिजिटलीकरण पूर्ण हो चुका है, जो भूमि प्रबंधन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
जिलाधिकारी वर्षा मीणा ने इस उपक्रम की सराहना करते हुए कहा कि “ई-भूमिती प्रणाली से जिले में भूमि प्रबंधन में पारदर्शिता, सटीकता और कार्यक्षमता को बढ़ावा मिलेगा। यह प्रणाली भविष्य की योजना, संसाधनों के उचित उपयोग और नागरिकों को तेज सेवा उपलब्ध कराने में सहायक सिद्ध होगी।” ई-भूमिती प्रणाली जिले में भूमि प्रबंधन को पारदर्शिता, सटीकता और कार्यक्षमता प्रदान कर रही है। यह प्रणाली भविष्य की योजना, संसाधनों के उचित उपयोग और नागरिकों को तेज़ व प्रभावी सेवाएं उपलब्ध कराने में सहायक सिद्ध होगी।

भूमि से संबंधित जानकारी प्राप्त करना सरल और पारदर्शी

इस प्रणाली के अंतर्गत ग्राम राजस्व अधिकारी स्थल पर जाकर भूमि की जानकारी जैसे संपत्ति का नाम, सर्वे नंबर, क्षेत्रफल, स्थान निर्देशांक और छायाचित्र आदि एकत्र कर उसे प्रणाली में दर्ज करते हैं। इसके बाद मंडल अधिकारी द्वारा उस जानकारी की जांच कर प्रमाणित किया जाता है। जिलाधिकारी स्तर पर पूरे जिले का विश्लेषण, रिपोर्ट और आंकड़े आसानी से उपलब्ध हो जाते हैं। ई-भूमिती प्रणाली की एक विशेषता यह भी है कि नागरिकों को सार्वजनिक पोर्टल पर स्वीकृत शासकीय भूमि की जानकारी नक्शे के रूप में देखने की सुविधा प्राप्त होती है। इससे भूमि से संबंधित जानकारी प्राप्त करना सरल और पारदर्शी हो गया है।

12 हजार हेक्टेयर भूमि की जानकारी अपलोड

अब तक इस प्रणाली के माध्यम से जिले की 12 हजार हेक्टेयर शासकीय भूमि की जानकारी सफलतापूर्वक अपलोड की गई है। यह उपक्रम शासकीय भूमि के डिजिटल पंजीकरण और निगरानी की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हुआ है। इससे प्रशासन को भूमि संबंधी निर्णय लेने में सटीकता मिलेगी और नागरिकों को भी भूमि से जुड़ी सेवाएं अधिक प्रभावी रूप से प्राप्त होंगी। ई-भूमिती प्रणाली के माध्यम से भूमि प्रबंधन में तकनीकी नवाचार का उपयोग कर प्रशासनिक कार्यों को अधिक पारदर्शी और उत्तरदायी बनाया जा रहा है। यह पहल शासन की डिजिटल इंडिया मुहिम को भी मजबूती प्रदान करती है।

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