अकोला मजदूर (फोटो.सोशल मीडिया)  
अकोला

अकोला: कम मजदूरी दर के कारण रोजगार गारंटी योजना से भटके मजदूर, बार्शीटाकली में खेत मार्गों के निर्माण कार्य ठप

Akola Farmers News: अकोला के बार्शीटाकली में ₹312 की कम मजदूरी के कारण रोजगार गारंटी योजना के कार्यों से मजदूरों ने बनाई दूरी। खेत मार्ग अधूरे रहने से बारिश में किसानों की बढ़ी चिंता।

रूपम सिंह

Akola Barshitakli Tehsil News: बार्शीटाकली तहसील में रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत खेत मार्ग और पगडंडी मार्गों के निर्माण कार्य जारी हैं, लेकिन कम मजदूरी के कारण योजना को धरातल पर कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मजदूरों को प्रतिदिन केवल 312 रुपये मजदूरी मिलने से ग्रामीण क्षेत्र के श्रमिक इन कार्यों से दूरी बना रहे हैं। इसका परिणाम यह है कि कई गांवों में खेत मार्गों के निर्माण कार्य अधूरे पड़े हैं, जिससे किसानों, ठेकेदारों और संबंधित विभाग के अधिकारियों की चिंता बढ़ गई है।

वर्तमान में ग्रामीण क्षेत्रों में सामान्य मजदूरी 500 से 700 रुपये प्रतिदिन तक मिल रही है, जबकि रोजगार गारंटी योजना के तहत केवल 312 रुपये प्रतिदिन दिए जा रहे हैं। ऐसे में मजदूर इस योजना के कार्यों में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। राज्य सरकार के निर्देश पर ग्रामीण क्षेत्रों में खेत मार्ग और पगडंडी मार्गों का निर्माण कराया जा रहा है, लेकिन मजदूरों की कमी के चलते कई स्थानों पर कार्य अधूरे रह गए हैं।

बारिश में किसानों को हो सकती है परेशानी

बारिश का मौसम शुरू होने के बाद अधूरे मार्गों से खेतों तक पहुंचना किसानों के लिए मुश्किल हो सकता है, जिससे कृषि कार्य प्रभावित होने की आशंका है। बार्शीटाकली तहसील के पिंजर सर्कल में कुछ मार्गों के कार्य सुचारू रूप से चल रहे हैं, जबकि कई स्थानों पर निर्माण सामग्री डालने के बाद भी रास्तों का कार्य पूरा नहीं हो पाया है। इससे आसपास और सामने स्थित खेतों तक पहुंचने वाले किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

ठेकेदारों पर बढ़ा काम का दबाव, मजदूरी बढ़ाने की मांग

कम मजदूरी के कारण मजदूर नहीं मिलने से ठेकेदारों को काम पूरा करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। मजदूरों की व्यवस्था करने, उपस्थिति दर्ज करने, लोकेशन फोटो अपलोड करने, दस्तावेजों का रखरखाव और निर्माण कार्य पूरा करने जैसी जिम्मेदारियां निभाने में उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। अकोला ग्रामीण क्षेत्रों में यह सवाल उठ रहा है कि योजना बनाते समय जमीनी परिस्थितियों का कितना ध्यान रखा गया है। ऐसे में किसानों और संबंधित लोगों ने रोजगार गारंटी योजना की मजदूरी दर बढ़ाकर व्यावहारिक निर्णय लेने की मांग सरकार से की है।

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