Akola Krishi Sanjivani Kendra: नानाजी देशमुख कृषि संजीवनी योजना (पोकरा) के तहत अकोला जिले के 149 गांवों में कृषि संजीवनी केंद्र शुरू किए गए हैं। इन केंद्रों के माध्यम से किसानों को खेती से जुड़ी समस्याओं पर स्थानीय स्तर पर मार्गदर्शन और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
योजना में पात्र किसानों को अब तक 285.19 लाख रु. का अनुदान वितरित किया गया है। महाराष्ट्र सरकार के कृषि विभाग द्वारा संचालित पोकरा योजना का उद्देश्य सूखे जैसी परिस्थितियों से निपटने के लिए किसानों को आधुनिक तकनीक, जल संरक्षण उपाय, फसल विविधीकरण और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है।
मौसम में बदलाव, बारिश की अनिश्चितता, अतिवृष्टि, बारिश में अंतराल तथा फसलों में रोग और कीटों न . वं 7 के प्रकोप के कारण किसानों के सामने कई बार संकट पैदा होता है। ऐसे समय में तत्काल स्थानीय मार्गदर्शन उपलब्ध कराने के लिए कृषि संजीवनी केंद्रों की व्यवस्था की गई है।
इन केंद्रों पर किसानों का पंजीयन कर उनकी खेती से जुड़ी समस्याओं की जानकारी ली जाती है। फसल प्रबंधन, कीट एवं रोग नियंत्रण, प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान तथा विभिन्न सरकारी कृषि योजनाओं की जानकारी किसानों को दी जाती है। आवश्यकता के अनुसार संबंधित कृषि अधिकारियों के साथ समन्वय कर आगे की कार्रवाई में भी सहायता की जाती है।
अकोला तहसील के 20, बार्शीटाकली के 38, पातुर के 19, मुर्तिजापुर के 14, बालापुर के 12, अकोट के 31 और तेल्हारा तहसील के 15 गांवों का परियोजना में समावेश है। इस प्रकार जिले के कुल 149 गांव योजना के अंतर्गत शामिल हैं।
जिले में 149 कृषि संजीवनी केंद्रों के कारण किसानों को स्थानीय स्तर पर मार्गदर्शन की सुविधा मिली है। संकट के समय किसानों को समय पर सहायता उपलब्ध कराने और खेती में होने वाले नुकसान को कम करने के लिए आवश्यक उपाय करने में इन केंद्रों की भूमिका महत्वपूर्ण है।
अकोला जिला अधीक्षक कृषि अधिकारी तुषार जाधव ने कहा कि पौकरा योजना में अकोला जिले के 149 गांवों का समावेश किया गया है तथा पात्र किसानों को 285.19 लाख रुपए का अनुदान वितरित किया गया है।