Patur Bridge Accident: पातुर तहसील के पहाडसिंगी–डोणगाव मार्ग पर निर्माणाधीन पुल का एक हिस्सा अचानक ढह गया। इस गंभीर घटना ने प्रशासन की लापरवाही और घटिया निर्माण कार्य को उजागर कर दिया है। पुल का काम जारी रहते ही उसका हिस्सा गिरने से निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं।
ग्रामस्थों का आरोप है कि अभियंता स्थल पर अनुपस्थित रहते हैं और पूरा काम केवल सुपरवाइज़र के भरोसे चल रहा है। पुल निर्माण में लोहे का अत्यंत कम उपयोग तथा निकृष्ट सामग्री के प्रयोग से लाखों रुपये की हेराफेरी का मामला सामने आया है। तकनीकी देखरेख के अभाव और अभियंता की अनुपस्थिति के कारण पुल का काम लापरवाही से किया जा रहा है।
सामाजिक कार्यकर्ता नीलेश कापकर, राहुल गवई और ग्रामस्थों ने शनिवार को प्रशासन के खिलाफ तीव्र आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने संबंधित अभियंता, ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों पर तुरंत कार्रवाई की मांग की। नागरिकों का कहना है कि निकृष्ट काम के कारण भविष्य में बड़ी दुर्घटना हो सकती थी।
इस संदर्भ में सामाजिक कार्यकर्ता नीलेश कापकर ने कहा कि काम शुरू रहते ही पुल का हिस्सा गिरना अत्यंत गंभीर मामला है। ठेकेदार और अभियंता की मिलीभगत से निकृष्ट दर्जे का काम कर सरकार के लाखों रुपये हड़पने की आशंका है। उन्होंने उच्चस्तरीय जांच समिति गठित कर ठेकेदार का लाइसेंस रद्द करने और अभियंता को निलंबित करने की मांग की। अन्यथा आंदोलन की चेतावनी दी गई है।
जिले के अतिदुर्गम क्षेत्रों को बुलढाना जिले से जोड़ने के लिए सरकार ने पुल निर्माण हेतु लाखों रुपये का निधि उपलब्ध कराया था। लेकिन अभियंता की अनुपस्थिति और वरिष्ठ अधिकारियों की अनदेखी के कारण सरकारी निधि व्यर्थ जाती दिख रही है।
पुल का हिस्सा ढहने की घटना ने प्रशासन की लापरवाही और ठेकेदार-अभियंता की कथित मिलीभगत को उजागर कर दिया है। नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों पर कठोर कार्रवाई नहीं हुई तो तीव्र आंदोलन छेड़ा जाएगा।