Akola Health Department: मानसून के दौरान जलजनित और कीटजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए जिला परिषद के स्वास्थ्य विभाग और ग्रामीण जलापूर्ति विभाग ने जिलेभर में व्यापक तैयारी के निर्देश जारी किए हैं। सभी तहसील स्वास्थ्य अधिकारियों, समूह विकास अधिकारियों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा ग्राम पंचायतों को पेयजल व्यवस्था और स्वास्थ्य सुरक्षा संबंधी आवश्यक उपाय तत्काल लागू करने के लिए कहा गया है।
जिलाधिकारी के निर्देशानुसार सभी पेयजल योजनाओं का निरीक्षण कर पानी की टंकियों, कुओं, बोरवेल, पाइप लाइन और पंपों की मरम्मत, सफाई तथा क्लोरीनेशन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही कुओं के आसपास पेड़ों की छंटाई, जलभराव की निकासी तथा बाढ़ या गंदे पानी से पेयजल स्रोत दूषित न हों, इसके लिए विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।
वर्तमान में अधिकांश ग्राम पंचायतों में प्रशासक कार्यरत होने के कारण इन उपायों के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर भी चर्चा जारी है। स्वास्थ्य विभाग ने जोखिम वाले गांवों की पहचान कर विशेष कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। बुखार, अतिसार, डेंग्यू, मलेरिया सहित अन्य संक्रामक रोगों पर नियमित निगरानी रखते हुए संदिग्ध मरीजों की तत्काल जांच और उपचार सुनिश्चित करने को कहा गया है। गर्भवती महिलाओं, बच्चों तथा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के नागरिकों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए गए हैं।
इसके अलावा छात्रावासों, आश्रमशालाओं और आवासीय विद्यालयों में रहने वाले विद्यार्थियों के स्वास्थ्य की नियमित जांच करने, सुरक्षित पेयजल, स्वच्छ रसोईघर, खाद्यान्न भंडारण, शौचालयों तथा परिसर की स्वच्छता का निरीक्षण करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
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जल शुद्धीकरण व्यवस्था की नियमित समीक्षा कर आवश्यक सुधार तत्काल करने को कहा गया है। स्वास्थ्य विभाग ने पेयजल की गुणवत्ता की नियमित जांच, क्लोरीनेशन, मच्छर नियंत्रण के लिए फॉगिंग एवं स्रोत नष्ट करने, प्रयोगशालाओं को तैयार रखने, आवश्यक दवाओं का पर्याप्त भंडारण करने तथा प्रत्येक तहसील में रैपिड रिस्पॉन्स टीम को हर समय तैयार रखने के निर्देश दिए है।