203 Dilapidated Dangerous Buildings Akola: अकोला में मानसून की दस्तक से पहले शहर में जर्जर और खतरनाक इमारतें नागरिकों के लिए बड़ी चिंता का विषय बन गई हैं। महानगरपालिका के सर्वेक्षण में शहर की 203 इमारतें अत्यंत जर्जर और जोखिमपूर्ण पाई गई हैं, जिनके किसी भी समय धराशायी होने की आशंका जताई गई है। इन इमारतों को लेकर मनपा प्रशासन ने संबंधित भवन मालिकों को नोटिस जारी कर तत्काल इन्हें खाली कर ध्वस्त करने के निर्देश दिए हैं।
साथ ही स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि भविष्य में किसी भी प्रकार की जनहानि या आर्थिक नुकसान होने पर इसकी पूरी जिम्मेदारी भवन मालिकों की होगी। महानगरपालिका की ओर से हर वर्ष जर्जर इमारतों का सर्वेक्षण कर मालिकों को नोटिस जारी किए जाते हैं, लेकिन नोटिस के बाद वास्तविक रूप से कितनी इमारतों को हटाया गया, इसका स्पष्ट विवरण सामने नहीं आ पाता।
इसे लेकर नागरिकों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि केवल नोटिस जारी कर प्रशासन अपनी जिम्मेदारी पूरी कर लेता है, जबकि खतरनाक इमारतें वर्षों तक उसी स्थिति में खड़ी रहती हैं। कई मामलों में मालिकाना हक के विवाद, किरायेदारों के कब्जे और पुनर्वास की समस्या के कारण कार्रवाई अधर में लटक जाती है।
अकोला शहर के पूर्व और पश्चिम जोन में सबसे अधिक जर्जर इमारतें चिन्हित की गई हैं। इनमें कई इमारतें लगभग 70 से 100 वर्ष पुरानी बताई जा रही हैं। वर्षों से उचित मरम्मत और देखरेख नहीं होने के कारण इन भवनों की दीवारों में गहरी दरारें पड़ चुकी हैं, छते कमजोर हो गई हैं तथा कई स्थानों पर लोहे की सरिया तक बाहर दिखाई दे रही है। बारिश के मौसम में लगातार पानी और नमी के कारण इन इमारतों के अचानक गिरने का खतरा और अधिक बढ़ जाता है।
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