विनयभंग की प्रतीकात्मक फोटो (सोर्सः फाइल फोटो- सोशल मीडिया)  
अकोला

Akola Minor Girl Abuse: उपमुख्यमंत्री शिंदे ने परिवार को दिया न्याय का वचन, फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलेगा मुकदमा

Akola Crime News: अकोला के सावरगांव में 10 वर्षीय बच्ची के साथ हुई दरिंदगी पर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने परिवार से वीडियो कॉल पर बात की। 1 लाख की आर्थिक मदद और आरोपी को फांसी दिलाने का आश्वासन।

गोरक्ष पोफली

Akola Minor Girl Abuse Case: महाराष्ट्र के अकोला जिले के पातुर तहसील अंतर्गत आने वाले सावरगांव में मानवता को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है। यहाँ एक 60 वर्षीय व्यक्ति द्वारा 10 साल की मासूम बच्ची के साथ किए गए जघन्य अपराध ने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया है। इस घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सीधे हस्तक्षेप किया है और पीड़ित परिवार को न्याय का भरोसा दिलाया है।

उपमुख्यमंत्री का हस्तक्षेप

घटना की जानकारी मिलते ही उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने सक्रियता दिखाते हुए पीड़ित परिवार से वीडियो कॉल के माध्यम से संपर्क साधा। उन्होंने शोकाकुल और डरे हुए परिवार को ढांढस बंधाया और कहा कि इस कठिन समय में महाराष्ट्र सरकार उनके साथ चट्टान की तरह खड़ी है। शिंदे ने परिवार को आश्वासन दिया कि अपराधी चाहे कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसे कानून के शिकंजे से बचने नहीं दिया जाएगा।

आर्थिक सहायता और कानूनी कड़ाई

संवाद के दौरान उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने केवल आश्वासन ही नहीं दिया, बल्कि तत्काल सहायता के रूप में शिवसेना की ओर से पीड़ित परिवार को 1 लाख रुपये की आर्थिक मदद देने की घोषणा की। कानूनी मोर्चे पर कड़ा रुख अपनाते हुए शिंदे ने संबंधित पुलिस अधिकारियों और जिला प्रशासन को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि, मामले की जांच में कोई कोताही न बरती जाए और पुख्ता सबूत जुटाए जाएं, केस की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में की जाएगी ताकि लंबी न्यायिक प्रक्रिया से बचा जा सके व आरोपी को कम से कम समय में कठोरतम सजा दिलाने के लिए सरकार पूरी ताकत लगाएगी।

शिवसेना और स्थानीय समाज में आक्रोश

इस नृशंस कांड के बाद अकोला जिले में तनाव और गुस्से का माहौल है। शिवसेना के जिला प्रमुख चंद्रशेखर पांडे ने भी परिवार से मुलाकात की और स्पष्ट किया कि पूरी पार्टी इस समय एक परिवार की तरह उनके साथ है। शिवसैनिकों और स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि ऐसे नराधम को समाज में रहने का कोई अधिकार नहीं है और उसे जल्द से जल्द फांसी पर लटकाया जाना चाहिए।

सावरगांव के निवासियों ने भी एकजुटता दिखाते हुए कहा है कि ऐसी घटनाएं समाज पर कलंक हैं। लोगों का कहना है कि सजा इतनी मिसाल कायम करने वाली होनी चाहिए कि भविष्य में कोई ऐसा अपराध करने की सोच भी न सके।

प्रशासनिक सतर्कता

घटना के बाद क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन का कहना है कि वे पीड़िता के परिवार को हर संभव सुरक्षा और कानूनी सहायता प्रदान कर रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा और बुजुर्गों द्वारा किए जा रहे ऐसे विकृत अपराधों पर सामाजिक विमर्श छेड़ दिया है।

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