अकोला: बिजली बिल महावितरण (सोर्सः सोशल मीडिया) 
अकोला

अकोला: बिजली बिल के 'बाउंस चेक' देने वालों की अब खैर नहीं, महावितरण दर्ज कराएगा सीधे FIR, लगेगा भारी जुर्माना

Electricity Bill Fraud Penalties: अकोला में बिजली बिल के लिए बाउंस चेक देने वाले ग्राहकों पर महावितरण सख्त। धारा 138 के तहत मामला दर्ज होगा और चेक सुविधा 6 महीने के लिए बंद कर दी जाएगी।

रूपम सिंह

Akola Mahavitaran Check Bounce Action: अकोला में बकाया बिजली बिल की वसूली से बचने के लिए महावितरण को गुमराह करने वाले ग्राहकों पर अब कानूनी शिकंजा कसने की तैयारी शुरू हो गई है। अकोला परिमंडल में ऐसे ग्राहकों के खिलाफ कार्रवाई की मुहिम को गति दी गई है, जो बिजली बिल भरने के लिए खाते में रकम न होने के बावजूद चेक देकर समय निकालते हैं।

मुख्य अभियंता राजेश नाईक ने स्पष्ट किया है कि अब ऐसे ग्राहकों पर सोधे अपराध दर्ज किए जाएंगे। महावितरण के अनुसार, लघुदाब वर्गवारी के ग्राहकों द्वारा जमा किए गए चेकों में से अकोला परिमंडल में हर महीने औसतन 200 चेक बाउंस हो रहे हैं। जांच में सामने आया है कि कई ग्राहकों के चेक गलत तारीख, गलत राइटिंग, गलत हस्ताक्षर, गलत नाम या खाते में पर्याप्त राशि न होने के कारण बाउंस हो रहे हैं। इससे बिजली बिल की वसूली नहीं हो पा रही और बकाया लगातार बढ़ रहा है।

चेक बाउंस होने पर 881 की धारा 138 के तहत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया

अब तक चेक बाउंस होने पर अकोला महावितरण संबंधित ग्राहक से प्रत्येक बिजली बिल पर विलंब शुल्क सहित 885 रु। का दंड वसूल करता था। यदि एक ही चेक से कई बिलों का भुगतान किया गया हो तो प्रत्येक बिल पर अलग-अलग दंडात्मक राशि जोड़ी जाती थी।

इसके अलावा ऐसे ग्राहकों की चेक द्वारा बिल भुगतान की सुविधा छह माह के लिए निलंबित कर दी जाती थी। महावितरण ने अब और कड़ा रुख अपनाते हुए ऐसे ग्राहकों के खिलाफ निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट 1881 की धारा 138 के तहत मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की है।

महाराष्ट्र में Old Monk की बिक्री से बैन नहीं हटेगा, FSSAI ने रम मानने से क्यों किया इनकार? जानिए पूरा मामला

कांग्रेस में बड़ा फेरबदल, अंदरूनी कलह के बीच सचिन पायलट को पंजाब की कमान; कई राज्यों के प्रभारी बदले

13 साल बाद SRCC पहुंचे PM मोदी: Gen-Z भाषा में Alumni को बताया OG, 2013 की स्पीच को भी किया याद

PM Modi Delhi Metro Video: मेट्रो में बच्चों से मिले पीएम मोदी, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल

सहारनपुर मस्जिद विवाद: जमीन किसकी है, मस्जिद कितनी पुरानी और बुलडोजर क्यों चला? समझें पूरी कहानी