Akola Government Medical College: नीट-पीजी में राष्ट्रीय स्तर पर 8821वीं रैंक हासिल कर अकोला के सरकारी मेडिकल कालेज (जीएमसी) में एमडी गायनिक की सीट प्राप्त करने वाली शहीद बीएसएफ जवान की बेटी ने विभाग में तनावपूर्ण वातावरण, अत्यधिक काम के दबाव और कथित मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए इस्तीफा दे दिया है। महिला रोग एवं प्रसूति विभाग की प्रथम वर्ष की रेजिडेंट डॉक्टर हर्षदा डालीमकर ने 14 अगस्त को इस्तीफा सौंपा।
मामले को गंभीरता से लेते हुए जीएमसी के अधिष्ठाता डॉ. संजय सोनुने ने तीन महिला डॉक्टरों की जांच समिति गठित की है। डॉ. हर्षदा डालीमकर शहीद बीएसएफ जवान बबनराव डालीमकर की बेटी हैं। एमबीबीएस के बाद उन्होंने 20 फरवरी 2026 को अकोला जीएमसी में एमडी गायनिक के लिए प्रवेश लिया था।
उनका आरोप है कि महिला रोग एवं प्रसूति विभाग में लेबर रूम का अत्यधिक काम, लगातार 24 घंटे की इमरजेंसी ड्यूटी और कथित अपमानजनक व्यवहार के कारण उन्हें मानसिक तनाव का सामना करना पड़ा। डॉ. हर्षदा के अनुसार, उनका मानसोपचार विशेषज्ञ से उपचार भी चल रहा था। चिकित्सकीय सलाह के अनुसार कुछ घंटों के आराम की मांग किए जाने के बावजूद उसे स्वीकार नहीं किया गया। इस संबंध में अधिष्ठाता के पास शिकायत करने के बाद भी अपेक्षित राहत नहीं मिलने पर उन्होंने इस्तीफा देने का निर्णय लिया।
अधिष्ठाता डॉ. संजय सोनुने ने बताया कि पीजी डॉक्टर की शिकायत प्राप्त होने के बाद तीन महिला डॉक्टरों की जांच समिति गठित की गई है। समिति शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी, जिसे आगे डीएमईआर को भेजा जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि डॉ. हर्षदा डालीमकर का इस्तीफा अभी मंजूर नहीं किया गया है। पीजी सीट छोड़ने से पहले नियमानुसार जीएमसी को 20 लाख रु. जमा करने की प्रक्रिया भी लागू होगी।